भारत, जापान में परमाणु ऊर्जा, बुलेट ट्रेन पर समझौता (लीड-1)

नई दिल्ली, 12 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारत ने शनिवार को जापान के साथ असैन्य परमाणु ऊर्जा और बुलेट ट्रेन प्रौद्योगिकी पर ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के भारत दौरे को ऐतिहासिक करार दिया।

नई दिल्ली, 12 दिसम्बर (आईएएनएस)। भारत ने शनिवार को जापान के साथ असैन्य परमाणु ऊर्जा और बुलेट ट्रेन प्रौद्योगिकी पर ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के भारत दौरे को ऐतिहासिक करार दिया।

मोदी ने हैदराबाद हाउस में यहां आबे के साथ शिखर बैठक के बाद एक बयान में पहली मार्च, 2016 से सभी जापानी नागरिकों को आगमन पर वीजा देने की घोषणा की।

इस बयान से पहले परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग, तीव्र रफ्तार रेल और रक्षा उपकरण हस्तांतरण व प्रौद्योगिकी सहयोग पर समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

मोदी ने कहा कि भारत और जापान ने सुरक्षा सहयोग में दो अतिरिक्त निर्णायक कदम उठाए हैं और इन सबसे रक्षा संबंध गहरे होंगे और भारत में रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

मोदी ने कहा कि भारत के आर्थिक बदलाव में जापान की निर्णायक भूमिका देश के आर्थिक सपने को साकार करने में अत्यधिक मायने रखता है।

मोदी ने कहा, “आज हमने अपनी साझा यात्रा को नई ऊंचाई दी है।”

दक्षिण चीन सागर में चीन के विस्तारवादी दावों के बारे में कुछ देशों की चिंताओं का प्रत्यक्ष जिक्र किए बगैर मोदी ने कहा कि भारत नौवहन और उड़ान, और अबाध समुद्री व्यापार की आजादी सुनिश्चित कराने के लिए दृढ़ता के साथ खड़ा है।

उन्होंने कहा, “हम मानते हैं कि विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए और सभी देश समुद्री मुद्दों पर अंतर्राष्ट्रीय कानून और नियमों का पालन करें।”

मोदी ने कहा कि परमाणु ऊर्जा सहयोग पर हुआ समझौता व्यापार व स्वच्छ ऊर्जा से संबंधित एक समझौते से बढ़कर है।

मोदी ने कहा, “यह एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित दुनिया के लिए आपसी विश्वास और साझेदारी के एक नए स्तर का देदीप्यमान प्रतीक है।”

मोदी ने कहा कि वह जापान के लिए असैन्य परमाणु समझौते के महत्व को समझते हैं और उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत अपनी साझा वचनबद्धताओं का सम्मान करेगा।

उल्लेखनीय है कि जापान दुनिया का एक मात्र देश है, जिसने परमाणु हमले का सामना किया है।

मोदी ने जापान के शिंकनसेन के जरिए मुंबई-अहमदाबाद खंड पर उच्च रफ्तार रेलगाड़ी पेश करने के निर्णय को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत इस परियोजना के लिए बहुत ही आसान शर्तो पर 12 अरब डॉलर से अधिक के आबे के असाधारण पैकेज और तकनीकी सहयोग की अत्यंत प्रशंसा करता है।

उन्होंने कहा, “यह उद्यम भारतीय रेल में एक क्रांति लाएगा और भविष्य में भारत की यात्रा को गति प्रदान करेगा। यह भारत में आर्थिक बदलाव का एक इंजन बनेगा।”

मोदी ने कहा कि भारत जापान के साथ अपने विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को महत्व देता है और इसे लेकर भारत में बेमिशाल सद्भाव और राजनीतिक सहमति है।

मोदी ने कहा, “हम जापानी द्विपक्षीय सहायता में तीव्र वृद्धि और मेक इन इंडिया मिशन के लिए जापान की सार्वजनिक और निजी वचनबद्धता में वृद्धि की भी प्रशंसा करते हैं।”

मोदी ने इस दौरान पिछले वर्ष की अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जापानी प्रधानमंत्री ने पांच वर्षो के दौरान भारत को 35 अरब डॉलर जापानी सहायता की बात कही थी और हम इसे जल्द ही वास्तविकता में बदलने जा रहे हैं।

मोदी ने कहा कि भारत और जापान अपने दृष्टिकोण और मूल्यों के साथ एक एशियाई सदी को आकार देंगे, और अपने संबंधों के दृष्टिकोण 2025 को साकार करेंगे।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच स्वच्छ ऊर्जा में व्यापक सहभागिता है।

मोदी ने अपने भाषण के प्रारंभ में आबे को एक निजी मित्र और भारत-जापान साझेदारी का एक महान अगुआ करार दिया।

मोदी ने कहा, “अपने विशेष रिश्ते के सम्मान में भारत सभी जापानी नागरिकों को पहली मार्च, 2016 से आगमन पर वीजा प्रदान करेगा।”

आबे तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे हैं।

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