भारत-बांग्लादेश समुद्री विवाद का हल

indexभारत और बांग्लादेश के बीच तीन दशकों से जारी समुद्री सीमा के विवाद का अंत हुआ. संयुक्त राष्ट्र के एक न्यायाधिकरण ने विवादित क्षेत्र का लगभग 80 फीसदी हिस्सा बांग्लादेश को देने का फैसला किया है.

फैसले के तहत दोनों देशों के बीच विवाद में फंसे बंगाल की खाड़ी के 25,000 वर्ग किलोमीटर के इलाके का 4/5 हिस्सा बांग्लादेश को दिया गया है. यह जगह प्राकृतिक संसाधनों के लिए अहम माना जाता है.

बांग्लादेश के विदेश मंत्री अबुल हसन महमूद अली ने कहा, “यह दोस्ती की जीत है. यह भारत और बांग्लादेश दोनों के ही लिए जीत जैसी स्थिति है.” भारत और बांग्लादेश के बीच तीन दशकों से चले आ रहे इस लंबे विवाद के चलते दोनों ही देशों के आर्थिक विकास पर असर पड़ा है.

अली ने कहा, “हम इस बात की सराहना करते हैं कि भारत ने मसले को शांतिपूर्ण ढंग से कानूनी तौर पर सुलझाने की इच्छा रखी और अंतरराष्ट्रीय फैसले का सम्मान किया.”भारत ने भी फैसले का स्वागत किया है. भारत के नए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से ही बांग्लादेश के साथ संबंध बेहतर करने पर जोर देते आए हैं. भारत के विदेश मंत्रालय से जारी बयान में कहा गया, “समुद्री सीमा के विवाद का निबटारा दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सद्भावना को बढ़ावा देगा.” बयान में आगे कहा गया है कि इस फैसले से बंगाल की खाड़ी में आर्थिक विकास के रास्ते खुले हैं जिससे दोनों देशों को फायदा होगा.

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