कुआलालंपुर, 23 नवंबर (आईएएनएस)। भारत और मलेशिया ने सोमवार को साइबर सुरक्षा, संस्कृति और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए और दोनों देश रक्षा व सुरक्षा सहयोग बढ़ाने तथा द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार करने पर सहमत हो गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया की अपनी यात्रा के तीसरे और अंतिम दिन मलेशियाई प्रधानमंत्री नजीब रजाक के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की, जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।
मोदी ने संवाददाता सम्मेलन में रजाक से कहा, “हमारे सुरक्षा सहयोग के लिए मैं आपका आभारी हूं।”
मोदी ने कहा कि विभिन्न देशों में हालिया हमले और भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ लगातार आतंकवादी प्रयास इस खतरे की वैश्विक प्रकृति की याद दिलाते हैं।
भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा, “हम समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने और हमारे क्षेत्र में आपदा प्रतिक्रिया मजबूत करने सहित अपने रक्षा सहयोग को बढ़ाएंगे।”
मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा में सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
साइबर सुरक्षा संबंधित समझौते पर भारतीय कम्प्यूटर इमर्जेसी टीम (सीईआरटी-आईएन) और साइबर सिक्युरिटी, मलेशिया के बीच हस्ताक्षर किए गए और संस्कृति संबंधित समझौते पर दोनों देशों के सांस्कृतिक मंत्रालयों के बीच हस्ताक्षर किए गए।
बुनियादी ढांचा विकास समझौता भारत के नीति आयोग और मलेशिया के परफॉर्मेस मैनेजमेंट एंड डिलीवरी यूनिट के बीच हुआ।
मोदी ने मलेशिया के साथ व्यापार और निवेश संबंध बढ़ाने पर भी जोर दिया।
वार्ता के बाद जारी किए गए संयुक्त बयान के मुताबिक, “दोनों देशों ने खासतौर से अवसंरचना और निर्माण क्षेत्र में संयुक्त सहयोग को बढ़ावा देने और मलेशियाई उद्यमों को निवेश का अवसर देती भारत की ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी नई विकासशील और व्यापारिक पहलों के अनुरूप दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच संयुक्त परियोजनाओं और सहभागिता को बढ़ाने पर भी सहमति जताई है।”
दोनों देश सजायाफ्ता कैदियों को एक-दूसरे के कारागारों में हस्तांतरण के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए वार्ता आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं।
मोदी और रजाक ने यहां मौजूद हिंदू मंदिरों और बौद्ध मंदिरों के लिए एक पांरपरिक प्रवेश द्वार तोरण गेट का भी संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
मोदी ने ‘लिटिल इंडिया’ के नाम से विख्यात ब्रिकफील्ड्स में तोरण गेट का उद्घाटन करते हुए कहा, “यह तोरण केवल पत्थर पर बनी एक कलाकृति नहीं है। यह दो देशों को जोड़ रहा है और दो महान संस्कृतियों का सूचक है।”
रजाक ने गेट को भारत-मलेशिया की दोस्ती का प्रतीक बताया।
रजाक ने कहा, “तोरण गेट भारत-मलेशिया की दोस्ती का प्रतीक है। यह सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक का प्रवेश द्वार है।”
मोदी ने बाद में मलेशिया के औद्योगिक घरानों से भी मुलाकात की।
मोदी ने औद्योगिक हस्तियों के साथ मुलाकात के दौरान कहा, “हमने एक नीति संचालित राष्ट्र बनाकर काफी हद तक नियामकीय अनिश्चितता समाप्त कर दी है। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि भारत विकास चाहता है और आपके पास अनुभव और विशेषज्ञता है। यह सटीक मेल है।”
इससे पहले मलेशिया के संघीय प्रशासनिक केंद्र पुत्राजया में सोमवार को मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
रजाक ने मोदी को गले लगाकर उनका स्वागत किया।
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