नई दिल्ली, 14 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के पहले पेशेवर मुक्केबाज ओलम्पिक पदक विजेता विजेंदर सिंह पेशेवर मुक्केबाजी में शुरुआती सफलता से वह काफी खुश हैं तथा भारत में अगले साल तक प्रो बॉक्सिंग लीग शुरू करने की योजना पर काम कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 14 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के पहले पेशेवर मुक्केबाज ओलम्पिक पदक विजेता विजेंदर सिंह पेशेवर मुक्केबाजी में शुरुआती सफलता से वह काफी खुश हैं तथा भारत में अगले साल तक प्रो बॉक्सिंग लीग शुरू करने की योजना पर काम कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि विजेंदर ने पेशेवर मुक्केबाजी में शानदार आगाज करते हुए अपने पहले दो मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीते हैं।
विजेंदर ने हालांकि शनिवार को कहा कि पेशेवर मुक्केबाजी में अभी उन्हें काफी लंबा सफर तय करना है और विश्व स्तर पर पहुंचने के लिए काफी मेहनत करनी होगी, जिसे वह कदम दर कदम ही पूरा करना चाहेंगे।
विजेंदर ने आईएएनएस से कहा, “अगले साल तक हम भारत में प्रोफेशनल मुक्केबाजी का लीग टूर्नामेंट लाने की कोशिश करेंगे। इस पर मेरी कई प्रोमोटरों और निवेशकों से बात चल रही है।”
विजेंदर के एमेच्योर मुक्केबाजी छोड़कर प्रोफेशनल मुक्केबाजी से जुड़ने की काफी आलोचनाएं हुईं, हालांकि विजेंदर ने कहा कि देश के लिए ओलम्पिक में पदक जीतना उनके जीवन का आज भी सबसे अहम क्षण है।
विजेंदर ने कहा, “ओलम्पिक मेडल मेरे लिए सबकुछ है। उस अहसास को मैं बयान ही नहीं कर सकता। उस एक पदक ने मेरा जीवन बदल कर रख दिया।”
ओलम्पिक में स्वर्ण न जीत पाने पर मलाल व्यक्त करते हुए विजेंदर ने कहा, “बीजिंग ओलम्पिक-2008 में क्वार्टर फाइनल में न जीत पाना मेरे लिए सर्वाधिक दुखद पल था। अगर मैं अपने जीवन में कुछ बदलना चाहूं, तो मैं उस क्षण को बदलना चाहूंगा।”
ओलम्पिक में स्वर्ण न जीत पाने की भरपाई प्रोफेशनल मुक्केबाजी में खिताब जीत कर पाने के सवाल पर विजेंदर ने कहा, “ओलम्पिक में स्वर्ण जीतने की भरपाई किसी चीज से नहीं हो सकती।”
प्रोफेशनल मुक्केबाजी में पहले सोनी व्हाइटिंग और फिर डीन गिलेन को एकतरफा मुकाबले में चित करने के बाद अब 19 दिसंबर को अगला मुकाबला खेलेंगे, हालांकि जहां शुरुआती दोनों मुकाबले चार राउंड के थे, वहीं अगला मुकाबला छह राउंड का होगा।
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