गांधीनगर, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि भारत अपनी कर व्यवस्था को विश्वस्तरीय और गैर-विरोधाभाषी बना रहा है।
यहां अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (आईएफएससी) के नियम जारी करते हुए जेटली ने कहा, “हम एक ऐसी कर व्यवस्था बनाएंगे, जो वैश्विक रूप से सुसंगत हो। जिसमें विरोधाभाष नहीं हो। यदि निवेशक दुबई और सिंगापुर को अधिक बेहतर पाएंगे, तो वे वहां चले जाएंगे और हमें प्रतियोगिता में पीछे छोड़ देंगे।”
उन्होंने कहा, “हमने देश-विदेश के निवेशकों को भारत में निवेश करने के लिए दरवाजा खोल दिया है। हमें काफी दूरी तय करनी है।”
आईएफएससी गुजरात में स्थापित हो रहा है और यह राज्य वित्तीय सेवा का केंद्र बनना चाहता है।
आईएफएससी की स्थापना वित्तीय सेवा क्षेत्र को आकर्षित करने के मकसद से की जा रही है, जो अभी दूसरे देशों की शेयर बाजारों का रुख कर रहे हैं।
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