अमेरिका की शोध पत्रिका ‘जेएएमए’ में मंगलवार को प्रकाशित अध्ययन के अनुसार भारत के अलावा सेनेगल और सिएरा लियोन जैसे देशों की ये महिलाएं अत्यंत गरीब तबके की हैं और उनमें शिक्षा का स्तर बहुत कम है तथा वे समाज के उस वंचित तबके से आती हैं जिनमें पोषण की गंभीर कमी है और जिन्हें आर्थिक विकास और प्रगति का लाभ नहीं मिल पा रहा।
प्रख्यात हार्वर्ड विश्वविद्यालय के टी. एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ और कनाडा के सेंट माइकल अस्पताल ने संयुक्त रूप से यह अध्ययन किया।
अध्ययन के मुख्य लेखक एवं सेंट माइकल अस्पताल के टोरंटो स्थित ली का शिंग नॉलेज इंस्टीट्यूट में प्राध्यापक और हार्वर्ड विश्वविद्यालय के जनसंख्या एवं विकास अध्ययन केंद्र में अतिथि वैज्ञानिक फहाद रजाक ने एक वक्तव्य जारी कर कहा, “जहां इन देशों में मोटापा या वजन बढ़ने की समस्या गंभीर होती जा रही है, वहीं गंभीर रूप से पोषण की कमी वाली महिलाओं की इतनी विशाल आबादी देखकर हमें आश्चर्य हुआ। इससे भी चकित करने वाली बात यह रही कि पिछले दो दशक में अधिकांश देशों में गंभीर रूप से पोषण की कमी की समस्या के विस्तार में कोई कमी नहीं आई है।”
अध्ययन में गंभीर रूप से पोषण की समस्या को 16 इकाई से कम बीएमआई के रूप में परिभाषित किया गया है।
अनुसंधानकर्ताओं ने 60 विकासशील देशों में 20 से 49 आयुवर्ग की सात लाख महिलाओं पर यह अध्ययन किया। इन महिलाओं ने 1993 से 2012 के बीच विभिन्न जनसांख्यिकीय एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत 1984 से अब तक 85 देशों में किए गए सर्वेक्षणों में हिस्सा लिया था।
अध्ययन के अनुसार भारत में सर्वाधिक 6.2 फीसदी महिलाएं अल्पपोषित पाई गईं इसके बाद बांग्लादेश (3.9 प्रतिशत), मेडागास्कर (3.4 प्रतिशत), तिमोर लेस्ट (2.9 प्रतिशत), सेनेगल (2.5 प्रतिशत) और सिएरा लियोन (2.2 प्रतिशत) हैं।
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