नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका ने मंगलवार को भारत से कहा कि अवसंरचना और स्मार्ट शहर परियोजनाओं में निवेश आकर्षित करने के लिए भूमि अधिग्रहण और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) संबंधी मुद्दे सुलझाने की जरूरत है।
अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की सालाना आम बैठक में यहां अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा ने कहा, “भूमि अधिग्रहण, एफडीआई और अन्य सवाल अब भी सुलझ नहीं पाए हैं।”
उन्होंने कहा, “अभी स्मार्ट शहर के मुद्दे पर हम आगे बढ़ने की बिल्कुल शुरुआती अवस्था में हैं। कई परियोजनाओं की फायनेंसिंग को लेकर स्पष्टता नहीं है।”
उन्होंने कहा कि गत 15 साल में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार पांच गुणा बढ़कर गत वर्ष 100 अरब डॉलर को पार कर गया है और अमेरिका इसे बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक ले जाने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, “यदि हम अगले कई साल में कभी भी इस लक्ष्य को हासिल कर लेते हैं, तो 15 साल पहले की तुलना में हमारा आर्थिक संबंध 25 गुना बढ़ जाएगा।”
वर्मा ने कहा कि दोनों देश हाल में अत्याधुनिक स्वच्छ ऊर्जा के लिए अत्यधिक सफल अमेरिका-भारत साझेदारी का विस्तार करने पर सहमत हुए हैं।
इस विस्तार में विशाखापत्तनम, अजमेर और इलाहाबाद को स्मार्ट शहर बनाने और साथ ही उन्हें स्मार्ट ऊर्जा शहर बनाने के लिए सहयोग शामिल है।
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