रोम, 23 मई (आईएएनएस)। इटली ने सोमवार को कहा कि हेग के मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले को लागू करने के लिए भारत में याचिका दायर की गई है, ताकि इटली के नौसैनिक सल्वाटोर गिरोने को घर लौटने की अनुमति मिल सके।
अंसा न्यूज की रपट के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने रोम में कहा कि इटली ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में इस संबंध में याचिका दायर की है।
गिरोने उन दो आरोपी नौसैनिकों में से एक है, जिस पर भारत में केरल तट से लगे समुद्र में दो मछुआरों को मारने का आरोप है।
इटली के नौसैनिक के खिलाफ ‘सेंट एंटनी’ नामक फिशिंग वोट के मालिक ने मामला दर्ज किया है, जिस पर सवार दो मछुआरे इटली के इन दोनों नौसैनिकों के द्वारा चलाई गई गोलियों के शिकार हुए थे। इन नौसैनिकों का कहना है कि उन्होंने उन मछुआरों पर समुद्री लुटेरे समझकर गोलियां चलाई थी।
इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए गुरुवार की तिथि तय की है।
इटली के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, “इटली ने अदालत में हेग की मध्यस्थता अदालत द्वारा 29 अप्रैल को सुनाए गए फैसले को लागू करने की याचिका दायर की है, ताकि गिरोने जल्द इटली लौट सके।”
बयान में कहा गया है, “मध्यस्थता अदालत के निर्णय के मुताबिक इटली और भारत को गिरोने की वापसी को लेकर आपस में सहयोग करना चाहिए।”
दूसरा नौसैनिक मेसीमिलानो लाटोरे को स्वास्थ्य कारणों से पहले ही इटली जाने की इजाजत दे गई थी और वह इटली में है। शीर्ष अदालत ने उसे 30 सितंबर, 2016 तक इटली में रहने की इजाजत दी है।
संयुक्त राष्ट्र के न्यायाधिकरण ने दो मई को फैसला दिया था कि इटली के नौसैनिक गिरोने, जो 2012 में दो मछुआरे को मारने के जुर्म में चार सालों से ज्यादा समय से भारत में हैं, उसे अपने घर लौटने की अनुमति दी जाए, क्योंकि यह मामला अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता प्रक्रिया के अधीन है।
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