भारत हो या जापान, पोलैंड हो या अर्जेटीना, कबड्डी विश्व कप सबकी चाह

अहमदाबाद, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। पांच महाद्वीपों से आईं 12 टीमों के कप्तान अपने-अपने लड़ाकों के साथ शुक्रवार को शुरू हो रहे कबड्डी विश्व कप की जंग के लिए तैयार हैं। मौजूदा चैम्पियन भारत हो या जापान, आस्ट्रेलिया हो या अमेरिका या फिर हो अर्जेटीना और ईरान हर किसी की चाह विश्व कप जीतना है।

अहमदाबाद, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। पांच महाद्वीपों से आईं 12 टीमों के कप्तान अपने-अपने लड़ाकों के साथ शुक्रवार को शुरू हो रहे कबड्डी विश्व कप की जंग के लिए तैयार हैं। मौजूदा चैम्पियन भारत हो या जापान, आस्ट्रेलिया हो या अमेरिका या फिर हो अर्जेटीना और ईरान हर किसी की चाह विश्व कप जीतना है।

गुजरात में हो रहे अब तक के सबसे बड़े अंतराष्ट्रीय खेल आयोजन को लेकर हर किसी के मन में जिज्ञासा है। यहां और भारत के दूसरे हिस्सों के लोगों का मानना है कि विश्व कप भारत में ही रहेगा, लेकिन विदेशी टीमों के कप्तानों की सुनें तो लगता है कि भारत के लिए खिताब बचाना मुश्किल हो सकता है।

वैसे जमीनी हकीकत कुछ और है क्योंकि भारत, ईरान, बांग्लादेश और दक्षिण कोरिया को छोड़े दें तो बाकी की टीमें दावेदारी के लिहाज से कहीं पीछे नजर आ रही हैं। इसका कारण साफ है, अर्जेटीना, अमेरिका, इंग्लैंड, पोलैंड, केन्या, मलेशिया, जापान, आस्ट्रेलिया जैसी टीमें एक या दो मैचों में दिग्गजों को छका या हरा तो सकती हैं लेकिन उनका खिताब तक पहुंच पाना मुश्किल होगा।

अहमदाबाद में गुरुवार को सभी टीमों के कप्तानों ने संवाददाता सम्मेलन में अपनी बात रखी। कोई भी अपनी टीम को कमतर नहीं बता रहा है। इससे भारतीय कप्तान अनूप कुमार चिंता में पड़ गए हैं। अनूप के लिए चिंता अमेरिका या केन्या नहीं बल्कि कोरिया और ईरान हैं।

भारतीय कप्तान ने कहा, “हां, हम पर दबाव है। पहला तो अरबों भारतवासियों की उम्मीदों का दबाव है और फिर यह एक बहुत बड़ा आयोजन है। स्टार स्पोर्ट्स प्रो कबड्डी लीग में खेलना और बात है तथा विश्व कप में खेलना और बात। हमें इस बड़े प्लेटफार्म पर खुद को साबित करना है और मैं इस बात को लेकर दबाव महसूस कर रहा हूं।”

वैसे भारतीय टीम के कोच बलवान सिंह के मुताबिक उनकी टीम विश्व कप के लिए पूरी तरह तैयार है और उसने काफी अभ्यास किया है। कोई खिलाड़ी चोटिल नहीं है और हर किसी का लक्ष्य खिताब तक पहुंचना है।

बलवान सिंह ने आईएएनएस से कहा, “हमारी तैयारी अच्छी है। मेरे सभी खिलाड़ी फिट हैं और हमें आज किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं। हम विश्व कप अपने घर में रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हां, हमें ईरान और कोरिया से सावधान रहना होगा, जिनके पास कुछ अच्छे खिलाड़ी हैं।”

स्टार स्पोर्ट्स प्रो कबड्डी लीग में खेल चुके ईरानी टीम के कप्तान मिराज शेख एक मैच विजेता खिलाड़ी हैं। वह बीते एशियाई खेलों में भारत के हाथों फाइनल गंवाने वाली टीम के सदस्य रहे हैं। मिराज को एशियाई खेलों के फाइनल में भारत के हाथों हारने और सोना नहीं जीत पाने का बड़ा अफसोस है।

मिराज को कबड्डी खूब रास आती है और भारत सहित दुनिया के दिग्गज खिलाड़ी मिराज से दहशत खाते हैं। वह इस साल भी अपने देश को विश्व कप दिलाने के लिए बेकरार नजर आ रहे हैं। मिराज को न तो हिंदी आती है और ना ही अंग्रेजी, लेकिन इसके बावजूद वह कप ईरान तक लाने की अपनी मंशा को दृढ़ता के साथ रखते हैं।

मिराज ने कहा, “हम जीतेंगे। हम भारत से एशियाई खेलों के फाइनल में हार गए थे, मुझे वह हार आज भी दुख देती है। हम सिर्फ 2 अंकों के अंतर से हारे थे और उस मैच का अंतिम रेडर मैं ही था। मैं अपनी टीम को जीत दिला सकता था लेकिन ऐसा नहीं कर पाया था। इस साल मैं अपने देश को सोना दिलाना चाहता हूं।”

अमेरिकी टीम विश्व कप के लिए बीती रात ही यहां पहुंची है, लेकिन भारत सहित बाकी टीमें काफी समय से यहां हैं। सबने एक दूसरे का खेल देखा है और एक दूसरे के साथ काफी घुल-मिल गए हैं। सबने एक स्वर में विश्व कप अपने घर ले जाने की बात कही लेकिन आंकलन यह है कि विश्व कप का फाइनल भारत और ईरान के बीच होगा और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दो अन्य टीमें बांग्लादेश और कोरिया की होंगी।

जानकारों का यह आंकलन अगर गलत हुआ तो यह वैश्विक कबड्डी के लिए अच्छा होगा क्योंकि नए राष्ट्र के उभरने के साथ नए स्टार भी उभरेंगे और इससे स्टार स्पोर्ट्स प्रो कबड्डी के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी महासंघ की उस मुहिम को बल मिलेगा, जिसके तहत वह कबड्डी को एक दिन ओलम्पिक में शामिल कराना चाहता है।

स्टार स्पोर्ट्स प्रो कबड्डी लीग के कमिश्नर अनुपम गोस्वामी भी यही मानते हैं। गोस्वामी ने कहा, “कबड्डी के पास करोड़ों चाहने वाले दर्शक हैं। यह खेल कभी पीछे जा ही नहीं सकता और वैसे भी प्रो कबड्डी लीग की सफलता के बाद इसके पीछे जाने का सवाल ही नहीं उठता। जिस खेल को इतने सारे खेलने वाले और देखने वाले तथा पसंद करने वाले लोग हों, उसे तो ओलम्पिक में जगह मिलनी ही चाहिए और कबड्डी विश्व कप इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कारक साबित होगा।”

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