वाशिंगटन, 22 जून (आईएएनएस)। अमेरिका में भेदिया कारोबार के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय मूल के हेज फंड मैनेजर संजय वलवानी अपने घर में मृत्त पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार मामला खुदकुशी का है।
समाचार पत्र ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की बुधवार की एक रपट के मुताबिक, हेज फंड कंपनी विसियम एसेट मैनेजमेंट एलपी कंपनी में पोर्टफोलियो मैनेजर के पद पर कार्यरत वलवानी (44) पर पिछले सप्ताह जेनेरिक दवाओं की मंजूरी के बारे में गोपनीय सूचनाओं को बेचने का आरोप लगा था।
ब्रुकलिन स्थित घर के शयनकक्ष में उनकी पत्नी ने उन्हें मृत्त पाया। उनके गले पर कटे के निशान थे।
न्यूयॉर्क पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि उनके शव के पास से पुलिस को एक चाकू तथा एक सूसाइड नोट मिला है।
वलवानी के वकील बैरी बेर्के तथा एरिक तिर्शवेल ने एक बयान में कहा, “यह एक खौफनाक त्रासदी है, जिसे समझना मुश्किल है। वलवानी एक अच्छे पिता, पति, पुत्र तथा भाई थे और अपने मित्रों, साथियों तथा परामर्शदाताओं के लिए प्रतिबद्ध थे।”
उन्होंने कहा, “हम उनके परिवार व उनकी धारणा की खातिर आशा करते हैं कि यह कभी नहीं भूलाया जा सकेगा कि उनके खिलाफ लगे आरोप अप्रमाणित थे और उन्होंने सदा अपनी बेगुनाही बरकरार रखी।”
वलवानी के परिवार में उनकी पत्नी हरजोत संधु हैं, जो एक पूर्व शिक्षिका हैं।
वलवानी पर आरोप था कि उन्होंने जेनरिक दवाओं को लेकर अमेरिकी खाद्य व औषधि प्रशासन (एफडीए) की गोपनीय जानकारी के बदले 2.5 करोड़ डॉलर कमाए थे।
उन्होंने इन सूचनाओं को एक अन्य पोर्टफोलियो मैनेजर को दिया, जिसने इसका अवैध व्यापार किया। वलवानी को प्रतिभूति धोखाधड़ी, सूचना से संबंधी धोखाधड़ी तथा षड्यंत्र के लिए आरोपित किया गया और 50 लाख डॉलर के मुचलके पर रिहा किया गया।
अधिकारियों ने कहा, “जब पता चला कि वलवानी के खिलाफ जांच हो रही है, तो विसियम एसेट मैनेजमेंट ने उन्हें लंबी छुट्टी दे दी।”
वलवानी विसियम से 2005 में जुड़े थे। उन्होंने सलोमन स्मिथ बार्ने में सेल-साइड एसोसिएट के तौर पर काम करना शुरू किया और साल 2003 में बालिएसने एसेट मैनेजमेंट से एक एनलिस्ट के तौर पर जुड़े।
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