केन्या के गृह मंत्रालय के मुख्य सचिव करंजा किबिचो ने बुधवार को कहा, “हम दुनिया को आश्वस्त कर रहे हैं कि मई तक दादाब में कोई शरणार्थी नहीं होगा।”
उन्होंने कहा कि शरणार्थियों का पहला जत्था (समूह) नवंबर तक स्वदेश लौटेगा।
इससे पहले बीते शुक्रवार को उन्होंने दादाब शरणार्थी शिविर को बंद करने की घोषणा की थी।
पूर्वोत्तर केन्या में स्थित दादाब शरणार्थी शिविर 20 साल पहले बनाया गया था। यह दुनिया का सबसे बड़ा शरणार्थी शिविर है, जहां करीब 3,30,000 शरणार्थी रहते हैं। इनमें से अधिकतर सोमालिया से हैं।
किचिको ने कहा कि दादाब शरणार्थी शिविर में आतंकवादियों की घुसपैठ हो गई है। उन्होंने आशंका जताई कि सोमालियाई इस्लामी गुट अल शबाब ने दादाब शिविर में ठिकाने बना रखे हैं।
बीते शुक्रवार को उन्होंने आर्थिक, सुरक्षा और पर्यावरण के बढ़ते बोझ का हवाला देते हुए शिविर को बंद करने की घोषणा करते हुए इसके पहले कदम के रूप में शरणार्थी मामलों के विभाग को भंग करने की बात कही थी।
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