सिडनी, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। आस्ट्रेलिया में हुए एक ताजा अध्ययन में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं द्वारा मछली के तेल का सेवन करने से गर्भस्थ शिशु में प्रतिरक्षी क्षमता में वृद्धि होती है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, वेस्टर्न आस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय द्वारा किए गए शोध में पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान मछली के तेल में पाई जाने वाली पॉलीअनसेचुरेटेड वसा अम्ल को अनुपूरक आहार के रूप में दिए जाने से गर्भस्थ शिशु में एलर्जी, हृदय संबंधी एवं पाचन संबंधी बीमारियों के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
यह अध्ययन 36 गर्भवती महिलाओं पर किया गया।
मुख्य शोधकर्ता सुसेन प्रेसकॉट ने आस्ट्रेलियन ब्रॉडकॉस्टिंग कॉर्पोरेशन को बताया कि इस अध्ययन से साबित हो चुका है कि गर्भवास्था के दौरान मछली के तेल का सेवन जन्म के बाद बच्चे में प्रतिरक्षी क्षमता बढ़ा सकता है।
इसी विश्वविद्यालय द्वारा इससे पहले किए गए शोध में निष्कर्ष दिया गया था कि मछली का तेल गर्भ के अंदर शिशु के विकास में सहायक होता है तथा गर्भपात के जोखिम को कम करता है।
dharmpath.com dharmpath