मप्र भाजपा :हेमंत खंडेलवाल की प्रतीक्षित कार्यकारिणी घोषित,आशीष अग्रवाल बने पुनः मीडिया प्रभारी

भोपाल-भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यकारिणी की गुरुवार शाम को घोषणा कर दी। नई टीम बनाने में हेमंत खंडेलवाल ने एससी-एसटी और महिला वर्ग को साधने के साथ-साथ भौगोलिक संतुलन बैठाने पर भी विशेष ध्यान दिया है। यह पहला अवसर है जब प्रदेश के बड़े नेताओं के समर्थकों को तवज्जो संगठन में नहीं दी गई है। प्रदेश महामंत्री के चयन में भी पीढ़ी परिवर्तन कर राहुल कोठारी जैसे युवा नेताओं को आगे बढ़ाया गया है। कविता पाटीदार के ओबीसी चेहरे का विकल्प सागर से सांसद लता वानखेड़े को बनाया गया है। वहीं, आदिवासी चेहरे सुमेर सिंह सोलंकी को संगठन में महामंत्री के पद पर लाकर राज्य की राजनीति में सक्रिय किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कोटे से एससी नेता प्रभुराम चौधरी को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है। मालवांचल से दो, मध्य भारत और बुंदेलखंड अंचल से एक-एक महामंत्री बनाया गया है। ग्वालियर- चंबल अंचल से विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर कोटे से रणवीर सिंह रावत, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय खेमे से सुरेंद्र शर्मा को और संघ के सुझाव पर लोकेंद्र पाराशर संघ कार्यकारिणी में शामिल किए गए है। महाकोशल अंचल से कोषाध्यक्ष के पद पर अखिलेश जैन और विंध्य से कांतदेव सिंह व मनीषा सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया है। नंदिता पाठक को महिला कोटे से पहली बार संगठन में लिया गया है।

नंदिता ने चित्रकूट में नानाजी देशमुख के साथ लंबे समय तक काम किया है, जिसका प्रतिफल उन्हें मिला है। इधर, संभागीय संगठन मंत्री रहे नेताओं में शैलेंद्र बरुआ (इंदौर संभाग) को उपाध्यक्ष और श्याम महाजन (रीवा) को कार्यालय मंत्री की बागडोर सौंपी गई है। इंदौर के संभागीय संगठन मंत्री रहे जयपाल सिंह चावड़ा को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। नई कार्यकारिणी में छह पदाधिकारियों को जहां पदोन्नत किया गया है तो कुछ नए चेहरे भी शामिल किए गए हैं। 29 सदस्यीय कार्यकारिणी में 15 पदाधिकारी पिछली कार्यकारिणी से हैं, जबकि 16 नए कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है।

केंद्रीय स्तर से 10 उपाध्यक्ष और मंत्री पदों की स्वीकृति मिलने के बावजूद खंडेलवाल ने केवल नौ उपाध्यक्ष, चार महामंत्री व नौ मंत्री घोषित किए हैं। तुलनात्मक रूप से देखें तो पिछली कार्यकारिणी में 14 उपाध्यक्ष, 14 मंत्री और पांच महामंत्री थे। हेमंत खंडेलवाल ने उपाध्यक्ष और मंत्री के कुछ पद रिक्त रखे हैं, ताकि भविष्य में संगठनात्मक आवश्यकता अनुसार समायोजन किया जा सके। मध्य प्रदेश जैसे वृहद संगठन में नई कार्यकारिणी का आकार छोटा रखना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कार्यकारिणी छोटी लेकिन प्रभावी है जो अनुभव, ऊर्जा और संतुलन का अच्छा उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।

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