बर्लिन में ओलांद के साथ एक बैठक के दौरान मर्केल ने कहा कि यूक्रेन संघर्ष में मिंस्क समझौते के कार्यान्वयन की प्रक्रिया बहुत धीमी है। इसलिए एक बार फिर रूस पर प्रतिबंध को बढ़ाना जरूरी हो गया है।
इस मौके पर ओलांद ने कहा कि इस मामले में हमेशा ही एक तरह की रुकावटें रही हैं। मिंस्क समझौते को लागू किया जाना चाहिए। अगर कोई प्रयास नहीं करेगा तो प्रगति नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर मर्केल की तरह प्रतिबंधों को बढ़ाने पर सहमत हैं।
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