मलेरिया का खतरा टला नहीं, अफ्रीका सर्वाधिक प्रभावित : संरा

बान ने विश्व मलेरिया दिवस पर अपने संदेश में कहा, “अफ्रीका में मलेरिया का बोझ सबसे अधिक है, लेकिन यहां मृत्युदर में दो-तिहाई तक गिरावट आई है।”

महासचिव ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक साल 2000 से 2015 के बीच मलेरिया पीड़ित छह लाख लोग मलेरिया से होने वाली मौत से खुद को बचाने में कामयाब हुए हैं। इसका श्रेय मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स को जाता है,जिसे साल 2016 में सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स में परिवर्तित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि मलेरिया के लिए वैश्विक वित्त पोषण की वृद्धि में प्रभावशाली परिणाम सामने आए हैं। अफ्रीका में आधे से ज्यादा लोगों के पास अब मच्छरदनी उपलब्ध है।

उन्होंने कहा, “विश्व मलेरिया दिवस इस पुराने रोग के खिलाफ हमारी प्रगति का जश्न है, और मैं सभी को साल 2030 तक के अपने लक्ष्य में जुड़ने के लिए आमंत्रित करता हूं।”

विश्व मलेरिया दिवस वैश्विक तौर पर हर साल 25 अप्रैल को मनाया जाता है। यह मलेरिया नियंत्रण के लिए वैश्विक प्रयासों की पहचान रखता है।

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