कुआलालंपुर, 23 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत के साथ मलेशिया के रक्षा सहयोग को मजबूत करने की बात कही।
मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं हमारे रक्षा सहयोग के लिए विशेष रूप से आपका आभारी हूं। इससे सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की हमारी साझा प्रतिबद्धता का पता चलता है। हम इस क्षेत्र में हमारे सहयोग को जारी रखेंगे।”
मोदी ने शनिवार को 13वें आसियान (दक्षिणपूर्व एशियाई देशों के संघ)-भारत शिखर सम्मेलन में शिरकत की और रविवार को 10वें पूर्व एशिया सम्मेलन में भी हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ लगातार हो रहे आतंकवादी हमलों के प्रयासों के अलावा विभिन्न देशों पर हो रहे हमले इस वैश्विक खतरे को प्रकट करते हैं।
मोदी ने कहा, “हम समुद्री सुरक्षा को उन्नत करने के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी अपने रक्षा सहयोग को मजबूत बनाएंगे। साथ ही क्षेत्र में आपदा प्रबंधन को लेकर भी सहयोग को मजबूत करेंगे।”
मोदी ने आतंकवाद और धर्म के बीच संबंध को नकारते हुए इस्लाम के वास्तविक मूल्यों को उजागर करने और चरमपंथ तथा कट्टरपंथ से निपटने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए रजाक की प्रशंसा की।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा सहयोग पर हुआ समझौता बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे हमारा जीवन इंटरनेट से जुड़ता जा रहा है, इससे जुड़ी समस्याएं हमारे समय की सर्वाधिक गंभीर चिंताओं में से एक है।”
मोदी ने मलेशिया के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने की आवश्यकता भी जताई।
उन्होंने कहा, “हम इन द्विपक्षीय समझौतों और भारत-आसियान समझौतों की पूर्ण क्षमता का उपयोग करने के इच्छुक हैं। बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में मलेशिया की क्षमता से सभी परिचित हैं। मलेशिया ने भारत में सड़क क्षेत्र सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी की हैं।”
मलेशिया में बड़ी संख्या में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, “इरकॉन कंपनी यहां रेल के बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान दे रही है। हम मलेशिया की अर्थव्यवस्था में भारत की मौजूदगी का स्तर बढ़ाना चाहते हैं।”
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