विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिका की मानवाधिकारों को लेकर मलेशिया के संदर्भ में 2015 की रिपोर्ट ‘अपर्याप्त सूचनाओं और ऐसे स्रोतों पर आधारित है, जिनकी विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है।’
बयान के मुताबिक, “ये आरोप मलेशिया की सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं। इसमें इसे बढ़ावा देने तथा मानवाधिकारों की रक्षा के लिए किए गए इसके प्रयासों का जिक्र तक नहीं किया गया है।”
मलेशिया के अनुसार यह रिपोर्ट अमेरिका का एकतरफा दृष्टिकोण है, जिसमें ‘मलेशिया की सरकार द्वारा आपने आतंरिक मामलों पर संप्रभुता के साथ निर्णय लेने के अधिकार की उपेक्षा गई है।’
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