कोच्चि, 15 जून (आईएएनएस)। कड़ी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बाद भी भारतीय मसालों का निर्यात 2014-15 में 14,899 करोड़ रुपये का हुआ, जो एक साल पहले 13,735 करोड़ रुपये का था।
निर्यात किए गए मसालों में प्रमुख योगदान मिर्च, पुदीना और पुदीना के उत्पादों, जीरा, स्पाइस ऑयल और ओलियोरेजिंस, काली मिर्च, हल्दी, धनिया, छोटी इलायची, करी पाउडर/पेस्ट और मेथी का रहा।
आलोच्य अवधि में नौ फीसदी अधिक 8,93,920 टन मसालों का निर्यात हुआ, जो एक साल पहले 8,17,250 टन था। निर्यात किए गए मसालों की कुल कीमत इस दौरान रुपये मूल्य में आठ फीसदी बढ़कर 14,899.68 करोड़ रुपये और डॉलर मूल्य में सात फीसदी बढ़कर 2,432.85 डॉलर रही, जो एक साल पहले क्रमश: 13,735.39 करोड़ रुपये या 2,267.67 डॉलर थी।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के स्पाइसेज बोर्ड के मुताबिक उसने मसाला निर्यात का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
बोर्ड के अध्यक्ष ए. जयतिलक ने कहा, “यह बड़ी उपलब्धि है और कड़ी प्रतियोगिता के बीच हासिल हुई है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में निर्यात बढ़ना भारतीय मसालों की अद्वितीय गुणवत्ता का परिचायक है।”
आलोच्य अवधि में सर्वाधिक निर्यात मिर्च का11.04 फीसदी अधिक 3,47,000 टन हुआ, जिसकी कुल कीमत 3,51,710 लाख रुपये मिली, जो एक साल पहले की तुलना में 29.20 फीसदी अधिक रही।
इसी दौरान पुदीना और पुदीना उत्पादों (पुदीना का तेल, मेंथॉल और मेंथॉल क्रिस्टल) के 25,750 टन निर्यात से देश को 2,68,925 लाख रुपये की आय हुई।
काली मिर्च का निर्यात 21,450 टन हुआ और इससे 1,20,842 लाख रुपये की आय हुई।
जयतिलक ने कहा, “भारतीय मसालों से देश को गाढ़ी कमाई तो होती ही है, साथ ही यह एक भरोसेमंद वैश्विक ब्रांड भी बन गया है।”
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