मस्तिष्क के स्मृति क्षेत्र का संबंध चिंता, अवसाद से संभव

टोरंटो, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। दिमाग का एक हिस्सा जो सामान्यत: याद्दाश्त और मतिभ्रम से जुड़ा होता है, उसी हिस्से का संबंध लत, चिंता और अवसाद से हो सकता है। एक अध्ययन से यह जानकारी मिली है।

दिमाग के इस हिस्से को हिप्पोकैंपस नाम से जाना जाता है। यह दरियाई घोड़े के आकार जैसी संरचना होती है, जो दिमाग की गहराई में स्थित होता है।

लिंबिक प्रणाली के हिस्से के रूप में यह याद्दाश्त संजोने और स्थानिक अनुभूति पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें स्तनधारियों का उनके वातावरण को समझना और जगह की पहचान कर वहां पहुंचने की क्षमता भी शामिल है।

हिप्पोकैंपस को लंबे सयम से याद्दाश्त और मतिभ्रम में उसकी भूमिका के लिए जाना जाता है, खासतौर से अल्जाइमर्स रोग से इसका गहरा संबंध है। अल्जाइमर्स रोग से पीड़ित मरीजों के दिमाग का हिप्पोकैंपस पहला हिस्सा होता है, जिसे नुकसान पहुंचता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो-स्कार्बोरो के एसोसिएट प्रोफेसर रुतसुको इटो ने बताया, “यह दिखाता है कि हमें फिर से सोचने की आवश्यकता है कि हिप्पोकैंपस किस तरह से सूचनाओं को प्रसंस्करित करता है।”

यह अध्ययन करंट बायलॉजी जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493