महासभा के पूर्व अध्यक्ष के रिश्वत प्रकरण से संयुक्त राष्ट्र को क्षति : न्यायाधीश

संयुक्त राष्ट्र, 30 जुलाई (आईएएनएस)। वैश्विक संस्था को भ्रष्टाचार की वजह से बहुत नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के पूर्व अध्यक्ष को रिश्वत देने के जुर्म में एक महिला को 20 माह कैद की सजा सुनाते हुए एक संघीय न्यायाधीश ने यह टिप्पणी की।

संयुक्त राष्ट्र, 30 जुलाई (आईएएनएस)। वैश्विक संस्था को भ्रष्टाचार की वजह से बहुत नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के पूर्व अध्यक्ष को रिश्वत देने के जुर्म में एक महिला को 20 माह कैद की सजा सुनाते हुए एक संघीय न्यायाधीश ने यह टिप्पणी की।

जॉन ऐश वर्ष 2013 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र महासभा के 68वें सत्र के अध्यक्ष थे। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, उन्होंने शिवेई शेरी यान से आठ लाख डॉलर रिश्वत ली थी। यान ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी फाउंडेशन की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी थीं।

ऐश एंटीगुआ और बरबूडा के स्थायी प्रतिनिधि थे। पिछले माह जब वह न्यूयार्क के बाहरी इलाके में स्थित घर में कसरत कर रहे थे तभी उनका निधन हो गया। भ्रष्टाचार के आरोप में उन पर भी मुकदमा चलाया जाना था।

यान ने अदालत में पहले यह स्वीकार किया था कि उनसे यह अपराध हुआ है।

न्यूयार्क के संघीय न्यायाधीश वर्नोन एस. ब्रोडरिक ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र का और इसकी छवि का बहुत नुकसान हुआ है।”

न्यायाधीश ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो फैसला लेते पथ भ्रष्ट हो जाएं, उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ऐश संयुक्त राष्ट्र सचिवालय या इसके प्रशासन का हिस्सा नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्यीय देशों की ओर से उनका प्रतिधित्व करने के लिए चुनकर भेजे गए राजनयिक थे। संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्षता करने के लिए उनका निर्वाचन किया गया था और वह संयुक्त राष्ट्र सचिवालय के प्रति नहीं, बल्कि उन सदस्य देशों के प्रति जवाबदेह थे, जिन्होंने उन्हें चुना था।

महासभा अध्यक्ष का कार्यालय बहुत सीमित संसाधनों के जरिए चलता है। कभी-कभी तो बाहर की सहायता पर भरोसा करना पड़ता है, जिससे हितों के टकराव का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए एक कोष की स्थापना की गई है। भारत पहला ऐसा देश है, जिसने पिछले माह इस कोष में 2.5 लाख डॉलर का योगदान किया।

न्यूयार्क के संघीय अभियोजक प्रीत भरारा के अनुसार, यान ने ऐश को 20 हजार डॉलर देने के लिए एक संस्था बनाई, जिसका उन्हें मानद अध्यक्ष बना दिया। ऐश जब महासभा के अध्यक्ष बन गए तो उन्हें सलाहकार नियुक्त कर दिया।

इसके अलावा उन्हें एक-एक लाख डॉलर दो बार और तीन लाख डॉलर एक बार भुगतान किया गया। इसमें उन्होंने एंटीगुआ के एक अधिकारी को साझीदार बनाया। इस पैसे के बदले ऐश ने एंटीगुआ के अधिकारियों एवं चीन की एक मीडिया कंपनी और चीन की एक सुरक्षा कंपनी के बीच संबंध स्थापित कराया। चीन की उस कंपनी के नाम का उल्लेख अभियोजन पक्ष ने नहीं किया है। एंटीगुआ और उस सुरक्षा कंपनी के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुआ।

भरारा के अनुसार, यान ने अपने निजी व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए महासभा अध्यक्ष ऐश को लाखों डॉलर रिश्वत दी। संयुक्त राष्ट्र में भ्रष्टाचार में अपनी भूमिका के लिए यान को संघीय जेल में समय गुजारना होगा।

ऐश की पत्नी अनिला चेरियन भारतीय मूल की हैं।

इस मामले में अन्य लोग जो शामिल है, उनमें यान का पार्टनर हैदी पियाओ और डोमिनिक गणराज्य का उप स्थायी प्रतिनिधि फ्रांसिस लोरेंजो, मकाऊ का अरबपति रियल एस्टेट व्यवसायी एनजी लैप सेंग और उसका सहयोगी जेफ सी. ईन प्रमुख हैं।

पियाओ और लोरेंजो ने रिश्वत देने और मनी लॉड्रिंग का आरोप कबूल कर लिया है। एनजी और यीन के खिलाफ अगले साल मुकदमा चलेगा।

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