ग्रेटर नोएडा, 10 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय फॉर्मूला-1 ड्राइवर करुण चंडोक ने एकमात्र भारतीय फॉर्मूला-ई टीम महिंद्रा रेसिंग से अलग होने के पीछे टीम में खुद को असहज महसूस करना बताया है।
ग्रेटर नोएडा, 10 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय फॉर्मूला-1 ड्राइवर करुण चंडोक ने एकमात्र भारतीय फॉर्मूला-ई टीम महिंद्रा रेसिंग से अलग होने के पीछे टीम में खुद को असहज महसूस करना बताया है।
चंडोक का कहना है कि बीते सत्र में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद टीम के अंदर ‘आरोप-प्रत्यारोप’ का दौर शुरू हो गया और वह खुद को टीम में इतना असहज महसूस करने लगे थे कि टीम प्रिंसिपल दिलबाग गिल से आंख तक नहीं मिला पा रहे थे।
इलेक्ट्रिक कारों की एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय रैली फॉर्मूला-1 का यह दूसरा ही सत्र है और महिंद्रा रेसिंग टीम इसमें हिस्सा लेने वाली इकलौती भारतीय टीम है।
गौरतलब है कि चंडोक, नारायण कार्तिकेयन के बाद फॉर्मूला-1 में रेस करने वाले भारत के दूसरे ड्राइवर हैं।
उन्होंने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, “दिलबाग के साथ पिछले कुछ समय से संबंध खराब चल रहे थे। हम एकदूसरे से आंख तक नहीं मिला पा रहे थे। पहले सत्र में हमने अच्छा प्रदर्शन किया और मैं शुरुआती दो रेसों में पांचवां और छठा स्थान हासिल करने में सफल रहा था। लेकिन उसके बाद से ही हमारे प्रदर्शन में गिरावट शुरू हो गई। हमारे बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला। अंत तक आते-आते महिंद्रा रेसिंग में रहना उत्साहजनक नहीं रह गया था।”
उन्होंने कहा, “पानी हद से ऊपर चला गया था और मुझे इस टीम की जरूरत नहीं रह गई थी। मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया था और मेरे लिए गिल के साथ रहना तनावपूर्ण हो चला था। इसलिए मैंने मित्रता को कायम रखते हुए टीम से हटना ही ठीक समझा। महिंद्रा में अभी भी सभी लोगों से मेरा अच्छा संबंध है। मैंने सभी से मित्रता बनाए रखते हुए अपनी मर्जी से टीम को छोड़ा है।”
पिछले वर्ष 24 अक्टूबर से शुरू फॉर्मूला-ई रेसिंग का दूसरा सत्र तीन जुलाई, 2016 तक चलेगा। महिंद्रा रेसिंग ने दूसरे सत्र के लिए फॉर्मूला-1 ड्राइवर निक हिडफेल्ड को टीम में शामिल किया है।
इलेक्ट्रिक रेसिंग सीरीज से बाहर हटने के बाद करुण फिर से फ्रांस के लिए रवाना होंगे।
उन्होंने कहा, “इस साल मैं स्पोर्ट्स कार रेसिंग ‘ले मेन्स’ में वापसी करना चाहूंगा। निसान चूंकि एलएमपी1 रेस से हट चुकी है, इसलिए एलएमपी2 ही अब मेरे लिए सबसे अच्छा विकल्प है। मैं पिछले चार साल से वहां रेस कर रहा था, जहां मेरा अनुभव शानदार रहा।”
ले मेन्स प्रोटोटाइप (एलएमपी) ले मेन्स में होने वाली कारों की रेसिंग प्रतियोगिता है। यह फॉर्मूला वन जैसी ओपन व्हील रेसिंग नहीं है।
एलएमपी क्लोज व्हील श्रेणी की सबसे प्रतिष्ठित रेस है। ले मेंस का आयोजन 1923 से किया जा रहा है।
चंडोक रेसिंग में हिस्सा लेने के साथ-साथ कमेंट्री में भी व्यस्त रहेंगे।
उन्होंने कहा, “मैं कई जगह कमेंट्री भी कर रहा हूं। इस साल मैं संभवत: फॉर्मूला-1 की 19 रेसों में कमेंट्री करता दिख सकता हूं। मैं अलग-अलग चैनलों के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी निभा रहा हूं। हो सकता है कि मुझे इस वर्ष 100 से अधिक हवाई यात्राएं करनी पड़ें। मेरी पत्नी इससे खुश नहीं हैं।”
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