आधिकारिक समाचार एजेंसी एमईएनए के मुताबिक, अदालत ने मामले में अंतिम फैसला सुनाते हुए विद्रोह में शामिल प्रदर्शनकारियों की मौत के लिए मुबारक पर लगे आरोप हटा दिए हैं।
मुबारक (89) को 2015 में भी इस तरह के आरोपों से मुक्त कर दिया गया था, लेकिन तब अभियोजक ने फैसले के खिलाफ अपील की थी।
मुबारक फिलहाल, काहिरा के सैन्य अस्पताल में हैं।
अदालत का गुरुवार को दिया गया यह फैसला अंतिम है और अब इसके खिलाफ अपील नहीं की जा सकेगी।
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