बांद्रा-मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूरों को गुमराह कर इकट्ठा करने के आरोपी शख्स विनय दुबे को मुंबई पुलिस ने एरोली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद आरोपी विनय दुबे को मुंबई पुलिस देर रात बांद्रा स्टेशन ले गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि विनय ने मुंबई के कुर्ला में 18 अप्रैल को प्रवासी मजदूरों की ओर से देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन करने की धमकी दी।
पुलिस ने अनुसार आरोपी विनय दुबे ‘चलो घर की ओर’ कैंपेन चला रहा था। उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किए गए पोस्ट में इसी बात का जिक्र किया है। साथ ही अपनी एक टीम के बांद्रा में होने की बात कही है। एक पोस्ट में उसने 18 अप्रैल तक ट्रेनें शुरू नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी तक दी है। बता दें कि इस मामले में पुलिस ने करीब एक हजार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
मुंबई पुलिस की एफआईआर में विनय दुबे पर लॉकडाउन के बीच लोगों को गुमराह करने का आरोप है। मुंबई पुलिस ने विनय के खिलाफ धारा-188 और महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
विनय के फेसबुक अकाउंट पर दी गई जानकारी के मुताबिक वह नवी मुंबई का रहने वाला है। उसने खुद को उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता बताया है। फेसबुक पर विनय ने कई पोस्ट शेयर किए हैं, इनमें से एक वीडियो में वह कहता सुनाई देता है कि उसने महाराष्ट्र में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए 40 बसों का इंतजाम किया है, ताकि नि:शुल्क रूप से इन मजदूरों को उनके मूल घरों तक पहुंचाया जा सके। राज्य सरकारों से इसकी अनुमति मांगी परंतु अभी तक नहीं मिली है। वीडियो पोस्ट में इसी तरह की कई बातें विनय ने साझा की हैं। विनय के इस वीडियो को 15 हजार से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है।
राज ठाकरे के साथ मंच साझा करने अलावा भी विनय दुबे के राजनेताओं से अच्छे संबंध हैं। दरअसल दुबे ने अपने ट्विटर अकाउंट कुछ ट्वीट किए हैं इनमें से एक में सत्ताधारी पार्टी की सहयोगी एनसीपी के नेताओं से उसकी करीबी झलकती है। एक ट्वीट में वह कहता है कि उसके पिता ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए महाराष्ट्र सरकार को अपने जीवन की सारी पूंजी दान कर दी। उसने इसे स्वीकारने के लिए गृह मंत्री अनिल देशमुख के साथ ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आभार भी जताया है।
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