इस्लामाबाद, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ के खिलाफ चल रहे मामले में बचाव पक्ष के वकीलों ने पाकिस्तान की एक अदालत से कहा कि प्रतिवादी को देश छोड़ने की स्वीकृति देने के लिए सरकार ने नियमों में ढील दी।
अवकाश प्राप्त मेजर जनरल राशिद कुरैशी ने सोमवार को याचिका दायर कर दावा किया कि मुशर्रफ की गतिविधयों पर रोक लगाने का पाकिस्तान सरकार को अधिकार है, जिसका इस्तेमाल इस मामले में नहीं किया गया।
डॉन समाचार पत्र की वेबसाइट के अनुसार, मुशर्रफ के प्रवक्ता रहे कुरैशी ने अपनी याचिका में कहा कि राजद्रोह के मुकदमे की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जो संपत्ति उन्होंने (कुरैशी) मुचलके के तौर पर गिरवी रखी है, उसकी अदला बदली की जाए।
अदालत ने कुरैशी के इस्लामाबाद स्थित घर की रजिस्ट्री के दस्तावेज कुर्क कर लिए थे। उसे उन्होंने 25 लाख रुपये के बांड से अदला-बदली कर वापस लेने की याचना अदालत से की।
कुरैशी ने अपनी याचिका में कहा कि अपने पूर्व वरिष्ठ मुशर्रफ की गतिविधयों को नियंत्रित करने के लिए वह अकेले जिम्मेदार नहीं थे। इसके लिए सरकार भी जिम्मेदार थी।
याचिका में कहा गया है, “पाकिस्तान से बाहर जाने के (नियंत्रण) कानून 2010 में विदेश जाने वाले व्यक्ति की गतिविधयों को नियंत्रित करने पूरी व्यवस्था है।”
याचिका के अनुसार, सरकार ने मुशर्रफ को पाकिस्तान से बाहर जाने से रोकने के लिए इस नियम के प्रावधानों का उपयोग नहीं किया गया।
यह देखा गया कि अदालती आदेश की जानकारी होने के बावजूद शीर्ष अदालत ने आरोपी की गतिविधियों पर कोई रोक नहीं लगाई।
इस साल फरवरी में विशेष अदालत ने बयान दर्ज करने के लिए मुशर्रफ को समन जारी किया था, लेकिन वह देश से बाहर चले गए, क्योंकि सरकार ने बहिर्गमन नियंत्रण सूची (ईसीएल) से उनका नाम हटा दिया था।
पाकिस्तान के गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान ने कहा था कि शीर्ष अदालत के आदेश के आलोक में पूर्व राष्ट्रपति को देश से बाहर जाने की इजाजत दी जा रही है।
कुरैशी ने कहा कि शीर्ष अदालत की पांच सदस्यीय पीठ ने ईसीएल से मुशर्रफ के नाम सरकार द्वारा हटाए जाने को बरकरार रखा था। इसके बाद उनके ऊपर कोई प्रतिबंध नहीं था।
याचिका में कहा गया, “आरोपी ने न्यायिक प्रक्रिया को मात देने के लिए देश नहीं छोड़ा है, बल्कि वह सरकार की अनुमति और बहिर्गमन नियंत्रण सूची से नाम हटाए जाने के बाद देश से बाहर गया है।”
हालांकि याचिका में उम्मीद जाहिर की गई, “कुरैशी को पूरा विश्वास है कि स्वस्थ्य होने के बाद आरोपी शीघ्र स्वदेश लौट आएंगे।”
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