मुस्लिम विरोधी बयानों से सिख भी होते हैं आहत : ओबामा (लीड-1)

वाशिंगटन, 4 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ‘मुस्लिम-अमेरिकियों के खिलाफ अक्षम्य राजनैतिक बयानबाजी’ के बीच मुस्लिम समुदाय का साहस बढ़ाया और कहा कि मुसलमानों जैसा मान लिए जाने के कारण सिख अमेरिकी और अन्य समुदाय भी इस तरह की बातों का निशाना बन रहे हैं।

वाशिंगटन, 4 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ‘मुस्लिम-अमेरिकियों के खिलाफ अक्षम्य राजनैतिक बयानबाजी’ के बीच मुस्लिम समुदाय का साहस बढ़ाया और कहा कि मुसलमानों जैसा मान लिए जाने के कारण सिख अमेरिकी और अन्य समुदाय भी इस तरह की बातों का निशाना बन रहे हैं।

राष्ट्रपति बनने के बाद ओबामा बुधवार को पहली बार अमेरिका की किसी मस्जिद में पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुसलमान अमेरिकी ताने-बाने का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के दावेदारों, खासकर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को आड़े हाथ लिया।

वाशिंगटन के पास मेरीलैंड में इस्लामिक सोसाइटी ऑफ बाल्टीमोर की 47 साल पुरानी मस्जिद में ओबामा ने कहा, “मैं जानता हूं कि हमारे देश में समूचे मुस्लिम समुदाय में यह समय चिंता और सच कहें तो कुछ डर का है।”

उन्होंने कहा कि इसी माहौल की वजह से वह यहां आए हैं, ताकि बता सकें कि मुसलमान अमेरिका का हिस्सा हैं।

ओबामा ने कहा, “सभी अमेरिकियों की तरह आप भी आतंकवाद के खतरे को लेकर चिंतित हैं। लेकिन इससे भी ऊपर यह बात है कि बतौर मुस्लिम अमेरिकी आपकी एक और चिंता है- और वह यह कि बेहद कम लोगों के हिंसक कृत्यों के बावजूद आपके समूचे समुदाय को बार-बार जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है।”

उन्होंने कहा, “9/11 के बाद, लेकिन खासकर हाल में पेरिस और सान बर्नार्डिनो के हमलों के बाद, आपने कई बार पाया है कि लोग आतंकवाद के भयावह कृत्यों को एक धर्म के प्रति आस्था से जोड़ दे रहे हैं।”

ओबामा ने कहा, “और निश्चित ही, हाल में हमने मुस्लिम अमेरिकियों के बारे में कुछ ऐसे राजनैतिक शब्दाडंबर सुने हैं जिनकी हमारे देश में कोई जगह नहीं है।” ओबामा ने यह बात ट्रंप का नाम लिए बगैर कही जो अमेरिका में मुसलमानों के प्रवेश पर अस्थायी रोक जैसी बातें कह रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “ऐसे में यह देखकर क्या ताज्जुब नहीं होता कि मुस्लिम अमेरिकियों का उत्पीड़न बढ़ा है? हमने देखा है कि बच्चों को डराया-धमकाया गया है। हमने मस्जिदों में तोड़फोड़ होते देखा है। सिख अमेरिकियों, और अन्य ऐसे लोगों को जिन्हें मुसलमान समझ लिया गया, उन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है।”

ओबामा ने कहा, “बतौर राष्ट्रपति मैं कहना चाहता हूं, जितने साफ श्ब्दों में कहा जा सकता है उतने में कहना चाहता हूं, आप यहां बिलकुल फिट बैठते हैं। आप भी अमेरिका का हिस्सा हैं। आप मुस्लिम या अमेरिकी नहीं हैं। आप मुस्लिम और अमेरिकी हैं।”

ओबामा ने रिपब्लिकन पार्टी के आतंकवाद-रोधी उपायों में मुसलमानों की अतिरिक्त जांच पर जोर की तरफ इशारा करते हुए कहा कि धार्मिक आधार पर जांच आतंकवादी समूहों के ही संदेश को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना है।

उन्होंने कहा, “हम धर्माधता के मूकदर्शक नहीं बने रह सकते। हमें मिलकर यह दिखाना होगा कि अमेरिका सभी धर्मो का है। आतंकवाद से अपने देश को बचाने की कोशिश में हम आतंकवादियों जैसी ही बातें नहीं कर सकते।”

ओबामा ने षड्यंत्र की उन कहानियों का जिक्र किया, जिनमें उन्हें मुसलमान बताने की कोशिश होती है। वह ईसाई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ही बातें आजादी का घोषणापत्र लिखने वाले देश के तीसरे राष्ट्रपति थॉमस जैफरसन के बारे में भी कही जाती थीं। ओबामा ने कहा, “मैं पहला नहीं हूं। मैं अच्छे लोगों की संगत में हूं।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493