गुजमान की बचाव टीम ने सोमवार को मेक्सिको शहर की द्वितीय जिला अदालत में यह कहते हुए दो अपील या निवेदन दर्ज कराए कि अमेरिका में उनके मुवक्किल पर जो इल्जाम लगाए गए हैं, उनमें से कुछ की कानूनी सीमा खत्म हो गई है और सबूत का अभाव अन्य इल्जामों को कमजोर कर रहा है।
न्यायाधीश जोस डियाज डे लियोन ने मंगलवार को माना कि निवेदन में सुनवाई करने के लिहाज से दम है और गुजमान की स्वदेश वापसी पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी।
गुजमान की बचाव टीम के प्रमुख जोस रेफुजियो रोड्रिगेज ने अदालत के निर्णय के बाद संवाददाताओं को बताया कि उन्हें लगता है कि निवेदन पर विचार करने में तीन साल तक लग सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वह इस मामले को मेक्सिको के सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे। उन्हें लगता है कि मेक्सिको की सरकार ने गुजमान के खिलफ पर्याप्त सबूत न होने के बावजूद उसकी स्वदेश वापसी पर रोक लगाई है।
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