मेलबर्न टेस्ट : वार्नर का नहीं खुला खाता, वॉटसन और रोजर्स ने सम्भाला

imagesमेलबर्न, 26 दिसम्बर- आस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को मेलबर्न क्रिकेट मैदान (एमसीजी) पर भारत के साथ शुरू हुए चार मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भोजनकाल तक एक विकेट के नुकसान पर 92 रन बना लिए हैं। भारत के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने आस्ट्रेलिया का खाता खुलने से पहले ही भारत का खाता खोलते हुए बेहतरीन फार्म में चल रहे सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर को चलता कर दिया। एडिलेड टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले वार्नर खाता तक नहीं खोल सके और स्लिप में शिखर धवन द्वारा बेहतरीन तरीके से लपके गए।

इसके बाद हालांकि अगले दो घंटे भारत के लिए अच्छे नहीं रहे। शेन वॉटसन और क्रिस रोजर्स ने संयम के साथ खेलते हुए न सिर्फ अपनी टीम को शुरूआती नुकसान से उबारा बल्कि उसे अच्छी स्थिति में भी पहुंचाने का काम किया। वॉटसन को हालांकि भोजनकाल से ठीक पहले मोहम्मद समी की गेंद पर एक जीवनदान मिला।

बीती चार पारियों में बल्ले के साथ नाकाम रहे वॉटसन 41 रनों पर नाबाद लौटे जबकि रोजर्स 46 रनों पर खेल रहे हैं। ब्रिस्बेन टेस्ट की दोनों पारियों में अर्धशतक लगाने वाले रोजर्स ने 101 गेंदों का सामना कर पांच चौके लगाए हैं जबकि वॉटसन ने 61 गेंदों का सामना कर तीन चौके जड़े हैं।

मौजूदा सीरीज में 0-2 से पीछे चल रही भारतीय टीम ने इस मैच के लिए दो बदलाव किए। रोहित शर्मा के स्थान पर कर्नाटक के बल्लेबाज लोकेश राहुल को टेस्ट पदार्पण करने का मौका मिला जबकि वरुण एरॉन के स्थान पर मोहम्मद समी टीम ने वापसी की। समी एडिलेड टेस्ट में खेले थे।

मेजबान टीम दो बदलाव के साथ खेल रही है। जोए बर्न्‍स ने पर्दापण किया। उनके लिए छठे क्रम पर बल्लेबाजी तय की गई है। साथ ही चोटिल तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क के स्थान पर रायन हैरिस की वापसी हुई है।

आस्ट्रेलिया में क्रिकेट का गढ़ माने जाने वाले एमसीजी पर भारत ने 1948 के बाद से कुल 11 टेस्ट खेले हैं। इनमें से आठ में उसे हार मिली है जबकि दो में जीत हासिल हुई है। एक मैच ड्रॉ रहा है। भारत बीते 33 साल से इस मैदान पर कोई टेस्ट नहीं जीत सका है।

भारतीय टीम न सिर्फ सीरीज में वापसी की कोशिश करेगी बल्कि वह एमसीजी में बीते 33 सालों का जीत का सूखा खत्म करने की भी कोशिश करेगी। इस मैदान पर भारत अंतिम बार 1981 में जीता है।

भारत को इस सीरीज के एडिलेड टेस्ट में 48 रनों से हार मिली थी। वह मैच भारत जीत सकता था लेकिन अहम मुकाम पर कप्तान विराट कोहली का विकेट गंवाने के कारण जीत उसके हाथ से फिसल गई थी।

इसी तरह ब्रिस्बेन में भारत ने पहली पारी में 408 रन बनाने के बावजूद चार दिनों में हार का मुंह देखा। गेंदबाजों ने आस्ट्रेलिया की पहली पारी में खूब रन लुटाए।

दूसरी पारी में उन्होंने आस्ट्रेलिया के छह विकेट चटकाकर जीत के लिए जमीन तैयार करने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

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