मैंने हमेशा खुद को हरफनमौला माना है : अश्विन

नॉर्थ साउंड (एंटिगा), 25 जुलाई (आईएएनएस)। रविचन्द्रन अश्विन के हरफनमौला खेल की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में पारी और 92 रनों से मात देते हुए एशिया के बाहर अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की है।

अश्विन ने इस मैच में अपने टेस्ट करियर का तीसरा शतक लगाया था और मेजबानों की दूसरी पारी में सात विकेट भी हासिल किए थे।

अश्विन ने 253 गेंदों में 113 रनों की पारी खेली थी।

बीसीसीआई डॉट टीवी ने अश्विन के हवाले से लिखा, “मैंने हमेशा अपने आप को हरफनमौला खिलाड़ी माना है।”

उन्होंने कहा, “मैंने कभी अपने आप को उस तरह नहीं देखा। आठवें नंबर की जगह छठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने से आपके पास शतक बनाने के ज्यादा मौके होते हैं। इसलिए मैंने यहां अच्छी शुरुआत की है। मुझे उम्मीद है कि मैं यहां से धीरे-धीरे आगे बढूंगा।”

इस मैच में मैन ऑफ द मैच चुने गए अश्विन को कप्तान विराट कोहली ने विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धीमान शाह के ऊपर बल्लेबाजी करने भेजा था।

अश्विन ने कहा, “छठवें नंबर पर बल्लेबाजी करना मेरे लिए हैरान करने वाली बात थी। विराट ने मुझे सुबह कहा कि मैं छठवें नंबर पर बल्लेबाजी करुं गा। उन्होंने जो कहा मुझे वह सुनकर काफी अच्छा लगा।”

अश्विन ने बताया, “उन्होने मुझसे कहा कि हमें तुम पर विश्वास है और हम चाहते हैं कि तुम छठवें नंबर पर बल्लेबाजी करो। देखते हैं यह कैसा रहता है। मैं टीम को वापस कुछ देना चाहता था और मैंने बताया कि मैं छठवें नंबर पर बल्लेबाजी कर सकता हूं।”

पहले दिन जब अश्विन बल्लेबाजी करने आए तो भारत का स्कोर चार विकेट के नुकसान पर 236 रन था। इसके बाद कोहली और उन्होंने 168 रनों की साझेदारी की और अगले दिन तक खेले।

ऑफ स्पिनर ने कहा, “मैं टीम को मजबूती देना चाहता था। वह काफी थकाने वाली पारी थी क्योंकि मैंने लगभग 250 गेंदें खेलीं। इसके बाद मैं आया और सोचा की कैसे गेंदबाजी करुं गा। मैं इससे खुश हूं।”

अश्विन ने 2011 में ही वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैचों में पदार्पण किया था। एशिया के बाहर पहली बार अश्विन पांच विकेट लेने में कामयाब रहे हैं।

उन्होंने कहा, “उपमहाद्वीप के बाहर पांच विकेट लेने में मुझे पांच साल लग गए। यह मैं हासिल करना चाहता था, एशिया के बाहर पांच विकेट। इस पर मैंने काफी मेहनत की और इसे हासिल कर मैं काफी खुश हूं।”

अश्विन ने टीम के मुख्य कोच अनिल कुंबले की भी तारीफ की।

उन्होंने कहा, “दूसरी पारी में किस रप्तार से गेंदबाजी करनी है इसको लेकर मैं लगातार अनिल भाई के संपर्क में था।”

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