मैनेजर, कैशियर सहित 9 लोगों की जमानत नामंजूर -आईसीआईसीआई बैंक में सवा करोड़ के गोल्ड लोन घोटाले का मामला

indexछतरपुर। नगर के आईसीआईसीआई बैंक में नकली गोल्ड लोन के मामले में बैंक के शाखा प्रबंधक समेत कुल 9 लोगों की जमानत याचिकाओं को अदालत ने खारिज किया है। जमानत याचिकाओं में तीन आरोपी जेल में है, जबकि छ: आरोपी फिलहाल पुलिस गिरफ्त से बाहर बताए गए है।
आईसीआईसीआई बैंक में विगत 15 मई 2013 से 31 मई 2014 के दौरान 156 गोल्ड लोन के मामले स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 68 लोन मामलों में  1 करोड़ 26 लाख 537 रूपए का ऋण बैंक प्रबंधन की मिली भगत से नकली सोना रखकर दिया गया था। मामले का खुलासा होने के बाद 68 ऋण प्रकरणों में 49 लोगों के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस ने आईपीसी की धारा 418, 420, 406, 120बी, 467, 468 के तहत जुर्म दर्ज किया था। गोल्ड लोन मामले में जिन 10 लोगों को सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी बनाया था वे मुख्य आरोपियों  के मोहरे मात्र थे। बकाया आरोपी आज भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इस मामले में बैंक के शाखा प्रबंधक बृजेंद्र सिंह गौर, कैशियर वरूण साहू,  खातों से संबंधित दस्तावेज चैक करने बाला कर्मचारी कुंजन जायसवाल समेत लोन लेने वाले क्रांतिवन गोस्वामी, शुभम अग्रवाल, संजीव गुप्ता ने अग्रिम जमानत की याचिका और जेल में बंद दुर्गाप्रसाद, कृष्णगोपाल पचौरी और अरविंद पचौरी ने अपनी जमानत याचिकाएं अदालत में पेश की थी। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश कृष्णमूर्ति मिश्र की अदालत ने सभी जमानत याचिकाओं में सुनवाई की और मैनेजर सहित 9 लोगों की अपराध में संलिप्ता पाये जाने पर जमानत याचिकाएं खारिज कर दी है।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों सीएसपी डीएस परिहार ने दावा किया था कि गोल्ड लोन प्रकरण में फरार आरोपियों के खिलाफ इनाम घोषित करने की प्रक्रिया जारी है। अभी तक पुलिस ने किसी भी फरार आरोपी के खिलाफ इनाम घोषित नहीं किया है।

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