मोजेइक कला का बेहतरीन नमूना है मडाबा शहर (फोटो सहित)

मडाबा, 29 जनवरी (आईएएनएस)। मोजेइक कलाकृति के लिए लोकप्रिय जोर्डन का मडाबा शहर एक दर्शनीय और धार्मिक स्थल है। यहां का मुख्य आकर्षण के केंद्र हैं बीजान्टिन और उमायाद काल की कलाकृतियां।

मोजेइक एक प्रकार की कलाकृति है, जो पत्थरों के टुकड़ों से बनती हैं। मडाबा इस कलाकृति का मुख्य स्थल है। सबसे रोमांचक बात यह है कि मडाबा शहर ने मोजाइक कला के लिए ‘वर्ल्ड क्राफ्ट सिटी-2016’ का खिताब भी जीता था।

मडाबा शहर का मानचित्र साफ दर्शाता है कि यह पूरा शहर मोजेइक कलाकृतियों का एक बेहतरीन उदाहरण है। इस शहर में सुंदर पहाड़ियों और गांवों से घिरा है।

इस शहर में ‘ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च ऑफ सेंट जॉर्ज’ भी है, जिसका निर्माण 1896 ईस्वी में हुआ था। यह गिरिजाघर मोजेइक कलाकृति का एक उदाहरण है। इसके साथ ही, यहां के ‘ऑर्केलॉजिकल पार्क और म्यूजियम कॉम्पलेक्स’ स्थल में मडाबा के इतिहास की झलक साफ देखने को मिलती है।

मडाबा शहर में छठी सदी के समय की विरासत के रूप में ‘चर्च ऑफ द वर्जन’ और ‘गेप्पोलेटस’ हैं। इसके पास ही ‘मोजेइक आर्ट एंड रेस्टोरेशन’ संस्थान है, जिसका संचालन पर्यटन मंत्रालय करता है। यह मध्य एशिया में अपने आप में एक अनूठा संस्थान है, जो कलाकारों को मोजेइक कला को बनाने, संभालने और संरक्षित करने का प्रशिक्षण देती है।

मडाबा के बीजान्टिन में बने कई घरों को ‘डिपार्टमेंट ऑफ एंटीक्विटीज’ की ओर से खरीदा जा चुका है, ताकि इसे शहर की विरासत को जिंदा रखने वाले संग्रहालय में तब्दील किया जा सके।

इस शहर में स्थित उम-अल-वालिद के एक कमरे में इस्लामिक कविता का खास संग्रह देखा जा सकता है, जिसे पहले जेनेवा के ‘इंस्टिट्यूट ऑफ कंजरवेशन’ में रखा गया था। उम-अल-वालिद में प्टोलेमेक के चांदी के सिक्कों और उमायाद काल के सोने के दीनारों का संग्रह भी है।

मडाबा के हेस्बान, सियाघा, मुखायात, मासूह, मुकाविर, नितेल, जामिल में मोजेइक कलाकृति की सुंदर झलकियां देखने को मिलती है। इसमें सबसे सबसे खास है उम-अर रासास, जहां 14 गिरिजाघर हैं। इनमें से कुछ गिरिजाघर पांचवीं और छठी ईस्वी की विरासत हैं। इसमें सबसे लोकप्रिय गिरजाघर है आठवीं सदी में बना सेंट स्टीफन चर्च।

उम-अर रासास एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल भी है। यह सबसे ऐतिहासिक स्थल है, जिसका जिक्र ईसाइयों की धार्मिक ग्रंथ बाइबल में भी है। यह स्थल भले ही अब विलुप्त होने के कगार पर हो, लेकिन इसमें अब भी कई सुंदर इमारतें हैं।

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