इस्लामाबाद, 17 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के एक अखबार ने लिखा है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा “जितना दिखावा थी, उतनी ही कूटनीतिक भी।” अखबार ने लिखा है कि भारत को भावी वैश्विक शक्ति माना जा रहा है, इसीलिए हर कोई भारत के साथ हिस्सेदारी चाहता है।
द न्यूज इंटरनेशनल ने अपने संपादकीय ‘द मोदी शो’ में मंगलवार को लिखा कि “मोदी की युनाइटेड किंगडम की यात्रा विवादों में रही, क्योंकि यह भारत में भाजपा सरकार के तहत बढ़ रही असहिष्णुता की चर्चाओं के बीच हुई।”
संपादकीय में कहा गया है, “बतौर प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में लाल गलीचे बिछाए गए, महारानी के साथ भोज ने यात्रा को एक निर्णायक शक्ल दी, प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की सैरगाह में वह रुके और ब्रिटिश संसद को संबोधित किया।”
अखबार ने लिखा कि करीब 800 लोगों ने डाउनिंग स्ट्रीट पर मोदी का विरोध किया। मोदी की रक्षा करने वालों में सबसे आगे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री नजर आए।
संपादकीय में लिखा गया है, “इसकी वजह साफ है। यात्रा की समाप्ति पर कैमरन और मोदी ने दोनों देशों के बीच 13.7 अरब डालर के 20 व्यापारिक करारों का ऐलान किया।”
अखबार ने इस बात का जिक्र किया है कि वेंब्ले स्टेडियम में मोदी ने 60000 लोगों को संबोधित किया और लिखा कि मोदी का मकसद ‘ब्रांड इंडिया’ गढ़ना है।
संपादकीय में कहा गया है कि मोदी की यात्रा बिहार चुनाव में करारी हार और कलाकारों द्वारा पुरस्कार लौटाने के बीच हुई। मोदी अपने विदेशी दौरों का इस्तेमाल भारत में घरेलू स्तर पर मौजूद गंभीर मसलों पर ग्लैमर के छिड़काव के लिए कर रहे हैं।
अखबार ने लिखा है, “अमेरिका के बाद, यूके ने भी मोदी शो के हितैषी मेजबान की भूमिका निभाई।”
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