उलान बटोर, 17 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मंगोलिया को एक अरब डॉलर ऋण के और कैंसर के इलाज के लिए उपकरण की पेशकश की।
मोदी ने मंगोलिया की संसद को संबोधित करते हुए कहा, “आज, मैं मंगोलिया के प्रधानमंत्री को यहां संस्थानों, बुनियादी ढांचा और मानव संसाधनों के विकास के लिए एक अरब डॉलर के ऋण के अपने फैसले से अवगत करा रहा हूं।”
किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने पहली बार मंगोलिया का दौरा किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत दोनों देशों के परमाणु सहयोग के तहत मंगोलिया को कैंसर के इलाज में उपयोग आने वाले उपकरण प्रदान करेगा। इसके साथ ही उन्होंने मंगोलिया में कैंसर के इलाज में सहायक भाभात्रॉन उपकरण को भी सुपुर्द किया।
उन्होंने कहा, “असैन्य परमाणु क्षेत्र में हमारे सहयोग की यह पहल है।”
मोदी ने मंगोलिया के साथ गहरे संबंधों पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा, “लगभग दो हजार साल पहले, भारत के भिक्षुओं ने इस पवित्र भूमि पर भगवान बुद्ध के संदेश का प्रचार-प्रसार करने के लिए मुश्किल क्षेत्रों को पार कर लंबी दूरी तय की।”
मंगोलिया की संसद (ग्रेट हूराल) को संबोधित करना बड़े सम्मान की बात है। मंगोलिया में लोकतंत्र स्थापना के 25वें वर्ष के अवसर पर संसद को संबोधित करना विशेष उपलब्धि है। मंगोलिया विश्व में लोकतंत्र का नया चमकता सितारा है।
मंगोलिया के साथ भारत की दोस्ती को जाहिर करते हुए मोदी ने सुरक्षा सहयोग की दिशा में श्रृंखलाबद्ध कदमों की घोषणा की।
मोदी ने कहा, “आज, मैं सूचना एवं संचार में उत्कृष्टता के लिए अटल बिहारी वाजपेयी केंद्र के विस्तार एवं उन्नयन का शिलान्यास करूंगा।”
हमारा सुरक्षा सहयोग बढ़ रहा है। हम एक-दूसरे से बहुत कुछ सीख सकते हैं। मंगोलों के कौशल पर कोई संदेह नहीं कर सकता। हम एक साथ सैन्य अभ्यास कर बहुत गौरवान्वित हैं। मुझे खुशी है कि हमने आज सीमा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा की दिशा में अधिक सहयोग के लिए समझौते किए हैं।”
उन्होंने कहा, “मंगोलिया में रक्षा एवं सुरक्षा के लिए एक साइबर सुरक्षा केंद्र की स्थापना पर भी सहमति बनी है।”
मोदी ने भारत-मंगोलिया संयुक्त स्कूलों की स्थापना करने की भी घोषणा की।
अािर्थक सहयोग पर जोर देते हुए मोदी ने कहा कि मंगोलिया के समृद्ध खनिज संसाधन दोनों देशों के बीच साझेदारी को बढ़ा सकते हैं।
मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग पर भी बात की।
उन्होंने कहा, “हम मंगोलिया में किफायती आधुनिक स्वास्थ्य देखरेख के लिए साझेदारी कर सकते हैं। हम अपने देश और विदेशों में उपचार में सुधार के लिए अपनी परंपरागत दवाइयों की विरास त का इस्तेमाल कर सकते हैं।”
अपने भाषण में मोदी ने एशिया क्षेत्र को एकजुट करने में बौद्ध धर्म की भूमिका पर बल दिया।
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