उलान बटोर, 17 मई (आईएएनएस)। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मंगोलिया के राष्ट्रपति सखियागिन एल्बेगदोर्ज को मंगोल इतिहास की पांडुलिपी भेंट की।
मोदी ने रामपुर के रामपुर राजा पुस्कालय में संग्रहित 13वीं सदी में लिखी गई दुर्लभ पांडुलिपि की विशेष प्रति मंगोलिया के राष्ट्रपति को भेंट की।
इस पांडुलिपि में 80 से ज्यादा लघु चित्र हैं।
पांडुलिपि के काम को जमीउत तवारिक के नाम से जाना जाता है। इसकी रचना बादशाह गजान खान (1295-1304) के शासन की बड़ी परियोजनाओं में से एक है। पांडुलिपि को बादशाह के वजीर रशीदुद्दीन फजलुल्लाह हमदानी ने तैयार किया था। उन्होंने इसे फारसी में लिखा था और ओलीजेत्जु (1304-1316) के शासन काल के इतिहास को लिपिबद्ध किया था।
इस रचना की ख्याति का विस्तार इसके विश्व के पहले इतिहास के रूप में पहचान का कारण बना।
पांडुलिपि उस रचना का पहला भाग है और इसकी अन्य प्रतियों के अस्तित्व के विषय में कोई जानकारी नहीं है।
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