छत्तीसगढ़ की महानदी, पैरी और सोंढूर की संगम स्थली राजिम के इस कुंभ मेले में देश के विभिन्न सांस्कृतिक धाराओं का संगम होता है। शंकराचार्यो, संत-महात्माओं एवं महामंडलेश्वरों के परम सानिध्य में राजिम कुंभ का आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक उत्थान, प्रेम-सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता को बढ़ाने वाला है। कुंभ आयोजन के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन को भी शुभकामनाएं दी हैं।
धर्मस्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ की प्रतिष्ठा अब बढ़ने लगी है। सनातन धर्म की विभिन्न शाखाओं के संत-महात्मा एक मंच पर कभी भी विराजमान दिखाई नहीं देते, मगर छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आयोजित कुंभ में यह संभव होता है। एक ही मंच पर बैठे समस्त संत-महात्माओं के अमृतवचनों का श्रवण श्रद्धालु करते हैं। देश-दुनिया यहां के धर्मिक महत्व को अब जान पा रही है।
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