नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के एक साल पूरा होने के मौके पर प्रमुख उद्योग संघ एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने रविवार को उम्मीद जताई कि अगली दो तिमाहियों में और सुधार होंगे और गांव की अर्थव्यवस्था पर और अधिक ध्यान दिया जाएगा।
एसोचैम अध्यक्ष राणा कपूर ने यहां एक बयान में कहा, “मोदी से ग्राम्य अर्थव्यवस्था पर अधिक ध्यान देने की आशा है। यद्यपि जन धन योजना जैसी कई वित्तीय समावेशीकरण वाले कार्यक्रमों से भी गांव को लाभ मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि आवासीय, रियल एस्टेट, बैंकिंग और दूरसंचार जैसे कई आर्थिक क्षेत्र दबाव में हैं।
कपूर ने कहा कि वैश्विक मांग कमजोर रहने से वस्तु निर्यात भी तनाव पैदा कर रहा है।
एसोचैम अध्यक्ष ने कहा, “गोल्ड मोनेटाइजेशन जैसी योजनाओं से अर्थव्यवस्था को संबल मिलेगा, क्योंकि इससे स्वर्ण आयात घटेगा। यह भी उम्मीद है कि वस्तु एवं सेवा कर से संबंधित व्यवस्था लागू हो जाएगी।”
एसोचैम के मुताबिक आर्थिक तेजी लाने के लिए रोजगार अवसर बढ़ाते हुए उपभेक्ता मांग बढ़ाना होगा।
चैंबर ने कहा, “उपभोक्ता मांग और रोजगार संभावना के बीच गहरा संबंध है। पर्यटन, उड्डयन जैसे क्षेत्र लटकते हुए फल जैसे हैं। इसे परिपक्व कर तोड़ने की जरूरत है। इनसे रोजगार का विशाल अवसर पैदा होगा और इसके कारण निर्माण और रियल एस्टेट में भी तेजी आएगी।”
सरकारी बैंकों की तनाव ग्रस्त संपत्ति के बारे में भी व्यापक दृष्टि अपनाना जरूरी है।
एसोचैम ने न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटी) जैसे कई कराधान संबंधी विवादों के समाधान के लिए विशेषज्ञ समिति बनाए जाने का स्वागत किया।
dharmpath.com dharmpath