नई दिल्ली: सरकार की अब से दो साल में हर दिन 30 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने की योजना है जिससे देश में राजमार्ग निर्माण में गति आ सकती है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसके साथ ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कार्य प्रदर्शन की समीक्षा (आडिट) कराने की घोषणा की है।
गडकारी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि फिलहाल कुल सड़क निर्माण में काफी गिरावट आ गई है, लगभग 60000 करोड़ रुपए मूल्य की सड़क परियोजनाएं अटकी हैं इनमें गतिरोध मुख्यत: तो भूमि अधिग्रहण तथा पर्यावरण व वन मंजूरी जैसे मुद्दों के कारण है। गडकरी ने कहा कि लंबित परियोजनाओं पर अगले तीन महीने में काम शुरू हो जाएगा।
मंत्रालय जल्द से जल्द मंजूरी लेने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब ये परियोजनाएं शुरू हो जाएंगी तो कुछ को पूरा होने में एक साल या अधिक लगेगा। फिलहाल औसत निर्माण तीन किलोमीटर प्रतिदन है। मेरा इसे 30 किलोमीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार इन परियोजनाओं का कार्यान्वयन अभियांत्रिकी, खरीद व निर्माण अनुबंधों जारी कर करेगी।
पूर्ववर्ती सरकार ने 2009 में 20 किलोमीटर प्रतिदिन सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा था हालांकि पर्यावरणीय मंजूरी के अभाव तथा अन्य दिक्कतों के चलते आधे से ही अधिक लक्ष्य को हासिल किया जा सका। बीआरओ के बारे में गडकरी ने कहा कि इस सरकारी संगठन को कामकाज की आडिट के बाद ही नया काम दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘हां, वहां कठिनाइयां जरूर है पर बीआरओ को कम इस लिए दिया जाता है कि वह कठिन परिस्थितयों में काम करेगा। मैं उसके काम से संतुष्ट नहीं हूं इस लिए मैंने सड़क परिवहन सचिव को उसके कामकाज की समीक्षा करने को कहा है। उसके बाद ही हम उसे काम देंगे।’
उन्होंने दिल्ली-जयपुर, दिल्ली-पंजाब, दिल्ली-चंडीगढ, दिल्ली-देहरादून तथा उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, दादरा और नागर हवेली, दमन दीव में सभी प्रमुख राजमार्गों के कार्य में प्रगति की बराबर निगरानी को कहा है।
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