संयुक्त राष्ट्र, 13 जून (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसी का कहना है कि म्यांमार के रखिन राज्य में तीन साल पहले हुई साम्प्रदायिक हिंसा के बाद वहां अब भी वहां 4,16,000 लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन डुजैरिक ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य में लगभग 1,40,000 विस्थापित लोग शिविरों में बेहद ही दयनीय परिस्थितियों में जी रहे हैं और कई लोग बगैर नागरिकता के ऐसे एकांत गांवों में रह रह हैं, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं।
उन्होंने कहा, “रखिन में विस्थापित लोगों और असहाय समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं हासिल करना और जीविकोपार्जन चिंता का कारण है।”
डुजैरिक ने कहा, “रखिन में हजारों लाखों लोगों के कहीं आने जाने पर लगी रोक उनके भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, जीविका और दूसरी मूलभूत सेवाओं को हासिल करने के मौलिक अधिकार की राह में बाधक हैं और वे लोग मानवीय सहायता पर निर्भर होकर रह गए हैं।”
म्यांमार के रखिन में 40,000 विस्थापित लोग समुद्र तट पर शिविरों में रह रहे हैं, जहां बरसात के समय खराब मौसम में तटीय क्षेत्रों में स्थिति और बुरी हो सकती है।
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