नेपेडा, 7 जून (आईएएनएस)। म्यांमार में बीबीसी के एक संवदादाता को एक पुलिस अधिकारी के उत्पीड़न का दोषी पाए जाने पर तीन महीने जेल की सजा सुनाई गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, मंडाले में 27 मार्च, 2015 को प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों व पुलिस के बीच झड़प के दौरान संवाददाता ने म्यो लिन को मंडाले के थारसी कस्बे की अदालत ने पुलिस अधिकारी के उत्पीड़न का दोषी पाया।
मंडाले क्षेत्र की पुलिस ने दावा किया कि संवाददाता ने अधिकारी के चेहरे पर घूंसा मारा। 15 महीने चली सुनवाई के दौरान लगभग दो दर्जन गवाहों ने लीन के पक्ष में गवाही दी।
संवाददाता खुद को दोषी नहीं मानते, इसलिए फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की उनकी योजना नहीं है।
म्यांमार टाइम्स के मुताबिक, लीन ने कहा, “अधिकांश लोगों ने देखा कि पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर विद्यार्थियों की मोटरसाइकिलें गिरा दी। लेकिन अदालत ने सबूतों को नजरंदाज कर दिया और उन्हें तीन महीने सश्रम कारावास की सजा सुना दी। यह निष्पक्ष फैसला नहीं है।”
उन्होंने कहा, “मीडियाकर्मियों के लिए सुरक्षा के लिए कुछ नहीं है। मेरी खता बस यही है कि मैंने उन लोगों की खबर दी, जिनके साथ अन्याय किया जा रहा था।”
यंगून के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट क्लब ऑफ म्यांमार ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि अदालत के फैसले से देश की नई सरकार पर असर पड़ेगा, जो देश को लोकतंत्र की दिशा में ले जाने का प्रयास कर रही है।
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