संयुक्त राष्ट्र, 10 मार्च (आईएएनएस)। म्यांमार के पश्चिमी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में सशस्त्र संघर्षों के कारण सितंबर से लेकर करीब 1,40,000 लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।
संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
समाचार एजेंसी ‘एफे’ के अनुसार, इन लोगों में अधिकांश लोग राखिने राज्य के रोहिंग्या मुस्लिम अल्पसंख्यक हैं, जो नौ अक्टूबर को तीन सीमा पुलिस चौकियों पर हुए सशस्त्र हमले के बाद सेना द्वारा चलाए गए अभियानों से प्रभावित हुए हैं।
मानवीय मामलों के समन्वय से संबंधित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) के मुताबिक, 74,000 विस्थापित लोग बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं, वहीं अन्य 20,000 लोग राखिने छोड़कर देश के अन्य इलाकों की ओर चले गए हैं।
पूर्वी म्यांमार में म्यांमार सेना और विद्रोही जातीय समूहों के गठबंधन के बीच ताजा संघर्ष के कारण 36,000 लोगों को शान और कचिन राज्यों को छोड़ना पड़ा है।
बीजिंग के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा था कि 20,000 से ज्यादा लोगों ने संघर्ष से बचने के लिए चीन की की सीमा पार की।
ओसीएचए के अनुमान के अनुसार, इन आंकड़ों को मिलाकर देश भर में सशस्त्र संघंर्षो और सांप्रदायिक हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 2,60,000 हो गई है।
संगठन का मानना है कि देश के अंदर ही एक स्थान से दूसके स्थान की ओर विस्थापित हुए करीब 60,000 लोग राखिने सहित ऐसे स्थानों पर हैं, जहां मानवीय सहायता नहीं पहुंच सकती है। जबकि अधिकारियों ने 15 फरवरी को ही सुरक्षा अभियानों की समाप्ति की घोषणा कर दी थी।
dharmpath.com dharmpath