सम्मेलन के प्रमुख आयोजनकर्ता वोल्फगंग इशिंगर ने मंगलवार को कहा, “सीरिया और यूक्रेन में रूस की नीति पर पुतिन के व्यक्तिगत स्पष्टीकरण को जानना खासतौर पर बेहद दिलचस्प होगा।”
इशिंगर ने कहा कि 1960 में शुरू हुए सम्मेलन में मेहमानों को वर्तमान संकटों और संघर्षो के उपायों पर अनौपचारिक तौर पर चर्चा करने का मंच मिलता है।
पुतिन ने 2007 में पहली बार इस सम्मेलन में भाग लिया था, लेकिन इस बार उपस्थित होने को लेकर अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।
इसके अलावा, जर्मनी की मुख्य विपक्षी पार्टी ‘डाई लिंक’ की संसदीय समूह नेता सहरा वगेननेख्त ने मंगलवार को आठ अग्रणी औद्योगिक देशों ‘जी -8’ में रूस की वापसी की मांग की।
ज्ञात हो कि रूस को 2014 में यूक्रेन संकट के बाद जी 8 से हटा दिया गया था।
वगेननेट ने कहा, “रूस को हटाना एक गलती थी।”
उन्होंने कहा, “सीरिया में रूस के बिना कोई राजनीतिक समाधान नहीं निकल सकता। रूस को जितना अलग रखा जाएगा, संघर्ष उतने ही बढ़ेंगे।”
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