सना, 5 नवंबर (आईएएनएस)। यूनिसेफ के मध्यपूर्व एवं उत्तरी अफ्रीका के क्षेत्रीय निदेशक का कहना है कि यमन में युद्ध ने पूरे देश को बच्चों के लिए नरक बना दिया है।
क्षेत्रीय निदेशक गीर्ट कैप्पेलियर ने इस रविवार को संवाददाता सम्मेलन में यमन में मानव निर्मित आपदा के बारे में बात की। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक, यमन में 1.4 करोड़ लोग यानी देश की आधी आबादी भुखमरी के हालात से गुजर रही है।
कैप्पेलियर ने यमन की यात्रा के बाद जॉर्डन के अम्मान में कहा,”यमन में आज बच्चों के लिए जीना दुश्वार हो गया है। यह देश सिर्फ 50 से 60 फीसदी बच्चों के लिए ही नरक नहीं बन गया है बल्कि हर बच्चे और बच्ची के लिए नरक बन गया है।”
यूनिसेफ क्षेत्रीय निदेशक ने कहा, “मैंने होदेदिया बंदरगाह का दौरा किया। यह बंदरगाह यमन की 70 से 80 फीसदी आबादी की जीवनरेखा है। होदेदिया बंदरगाह के कारण ही यहां व्यावसायिक व मानवीय आपूर्ति होती है।”
शनिवार से होदेदिया के आसपास लड़ाई तेज हो गई है। हौती विद्रोहियों नें होदेदिया के साथ-साथ राजधानी सना पर भी नियंत्रण कर लिया है।
सरकारी टेलीविजन की रविवार की खबर के मुताबिक, 50 से ज्यादा हौती विद्रोही और सरकार समर्थक 17 लड़ाके इस झड़प में मारे गए लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह मौतें कब हुई।
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