यूरो 2016 में होगा हॉक-आई तकनीक का इस्तेमाल

पेरिस, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। यूरोपीय फुटबाल की नियामक संस्था यूईएफए की रेफरियों की समिति ने बुधवार को कहा है कि यूरो 2016 में इस्तेमाल की जाने वाली हॉक-आई तकनीक से रेफरी को फायदा मिलेगा। उन्होंने साथ ही कहा है कि इससे यूरोपियन चैम्पियनशिप में लाइनमैन को भी काफी फायदा होगा।

पेरिस, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। यूरोपीय फुटबाल की नियामक संस्था यूईएफए की रेफरियों की समिति ने बुधवार को कहा है कि यूरो 2016 में इस्तेमाल की जाने वाली हॉक-आई तकनीक से रेफरी को फायदा मिलेगा। उन्होंने साथ ही कहा है कि इससे यूरोपियन चैम्पियनशिप में लाइनमैन को भी काफी फायदा होगा।

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, यूईएफए की रैफरी समिति के अध्यक्ष इटली के पिएरलुइगी कोलिना ने कहा है कि लाइनमैन को गोल लाइन पर काफी ध्यान देना पड़ता था, लेकिन इस तकनीक के आने के बाद से उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं है। इस तकनीक से उन्हें काफी फायदा मिलेगा।

यूरोपियन चैम्पियनशिप में रैफरी की भूमिका निभाने वाले स्पेन के कर्लोस कारवालो ने भी हॉक-आई तकनीक का समर्थन किया है।

हॉक-आई तकनीक एक ऐसी कैमरा आधारित तकनीक है जिसके तहत हर गोलपोस्ट पर सात कैमरें लगाए जाएंगे जिससे यह पता चल सके की गेंद ने लाइन पार की है या नहीं।

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