नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। लंबे समय से भारतीय महिला हॉकी टीम की कमान संभालती आ रहीं रितू रानी अगले महीने से शुरू हो रहे ओलम्पिक खेलों में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं होंगी। रियो ओलम्पिक-2016 के लिए डिफेंडर सुशीला चानू को टीम की कप्तानी सौंपी गई है।
हॉकी इंडिया (एचआई) ने मंगलवार को रियो ओलम्पिक के लिए टीम की घोषणा की।
रितू हमेशा से भारतीय टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। उन्हीं की कप्तानी में टीम ने 36 साल बाद ओलम्पिक खेलों के लिए क्वालीफाई किया था। हालांकि उन्होंने पिछले सप्ताह खराब प्रदर्शन और एचआई के अधिकारियों से बुरे व्यवहार के आरोपों के बाद राष्ट्रीय अभ्यास शिविर छोड़ दिया था। यही कारण है कि वह रियो का टिकट हासिल नहीं कर पाईं।
आस्ट्रेलिया दौरे पर रितू की गैरमौजूदगी में 24 वर्षीय सुशीला टीम की कप्तानी संभाल चुकी हैं। उन्हीं की कप्तानी में जर्मनी में भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने विश्व कप-2013 में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया था।
रितू लंबे समय से मिडफील्ड की मजबूत कड़ी बनी हुई थीं। उनकी गैरमौजूदगी का रियो में टीम पर बुरा असर पड़ सकता है। पूर्व कप्तान ने 2006 में भारत के लिए पहला मैच खेला था और वह अभी तक 213 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
पदार्पण के बाद से रितू लगभग हर टूर्नामेंट और अभ्यास शिविर में टीम के साथ रहीं। रियो ओलम्पिक ऐसा पहला बड़ा टूर्नामेंट होगा जहां रितू टीम का हिस्सा नहीं होंगी।
टीम के चयन पर टीम के मुख्य कोच निल हॉगुड ने कहा, “टीम आज जहां खड़ी है वहां तक पहुंचने में उन्होंने काफी मेहनत की है। हमने शिविर में जो कुछ भी किया उसको हकीकत में बदलने के लिए हम उत्सुक हैं।”
रितू को टीम से बाहर रखने पर टीम के कोच ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उनके साथ ही एचआई के चयनकर्ता हरबिंदर सिंह ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधना ही बेहतर समझा।
हरबिंदर ने आईएएनएस से कहा, “यह हमारी सर्वश्रेष्ठ टीम है।”
जब उनसे इस मुद्दे पर और कुछ जनाना चाहा तो उन्होंने कहा, “इन सभी खिलाड़ियों को उनकी मौजूदा फॉर्म, प्रदर्शन और टीम का हित ध्यान में रखकर टीम में चुना गया है।”
रियो ओलम्पिक में भारतीय महिला टीम को ग्रुप-बी में रखा गया है। उसके साथ इस ग्रुप में चैम्पियंस ट्रॉफी की विजेता अर्जेटीना, आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जापान और अमेरिका हैं।
हॉगुड ने कहा, “यह टीम के लिए बड़ा पल है। हमारा ग्रुप अपेक्षाकृत ज्यादा मुश्किल है। हमारा लक्ष्य क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई करना होगा और मेरा मानना है कि हम यह कर सकते हैं।”
रियो ओलम्पिक के लिए जा रही हॉगुड की इस टीम में जर्मनी में हुए विश्व कप-2013 की ज्यादातर खिलाड़ी हैं। टीम ने इस विश्व कप में कांस्य पदक अपने नाम किया था।
टीम के पास अटैकिंग लाइन में कुछ अनुभव जरूर है। पूनम रानी, रानी रामपाल और वंदना कटारिया ने इस क्षेत्र में काफी समय बिताया है।
हॉगुड ने कहा, “यह टीम जूनियर टीम के रूप में काफी सफल रही थी, लेकिन अब ओलम्पिक के रूप में उनके सामने सबसे कड़ी परीक्षा है। इस टीम की सभी खिलाड़ी पहली बार ओलम्पिक में हिस्सा ले रही हैं और उन खिलाड़ियों के सामने खेलने उतरेंगी जिनके पास दो-तीन बार ओलम्पिक खेलने का अनुभव है।”
भारतीय टीम :
गोलकीपर : सविता
डिफेंडर : दीप ग्रेस एक्का, दीपिका (उपकप्तान), नमिता टोप्पो, सुनीता लाकड़ा, सुशीला चानू (कप्तान)
मिडफील्डर : नवजोत कौर, मोनिका, रेणुका यादव, लिलिमा मिंज
फारवर्ड : अनुराधा देवी, पूनम रानी, वंदना कटारिया, रानी रामपाल, प्रीती दुबे, निक्की प्रधान
अतिरिक्त खिलाड़ी : रानीस हनिआलुम लाल राउत फेली, रजनी एतिमार्पु
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