रियो डी जनेरियो, 14 अगस्त (आईएएनएस)। ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलम्पिक खेलों की सुरक्षा को लेकर पहले काफी आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं, लेकिन अब तक लूटपाट, गोली का अचानक चलना, एक गैर नुकसानदेह हल्का बम विस्फोट और एहतियातन सुरक्षा तंत्र के भीतर करवाया गया विस्फोट जैसी छिटपुट चुनौतियां ही सामने आई हैं।
रियो डी जनेरियो, 14 अगस्त (आईएएनएस)। ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलम्पिक खेलों की सुरक्षा को लेकर पहले काफी आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं, लेकिन अब तक लूटपाट, गोली का अचानक चलना, एक गैर नुकसानदेह हल्का बम विस्फोट और एहतियातन सुरक्षा तंत्र के भीतर करवाया गया विस्फोट जैसी छिटपुट चुनौतियां ही सामने आई हैं।
गौरतलब है कि रियो कवर करने पहुंचे एक अमेरिकी पत्रकार के साथ लूटपाट हुई। अपनी पत्नी और बच्चे के साथ गुरुवार को मशहूर इपानेमा समुद्रतट घूमने निकले पत्रकार का बैग मोटरसाइकिल से आए बदमाशों ने छीन लिया, जिसमें उनका पासपोर्ट और पैसे थे।
गुरुवार को ही सुरक्षा अधिकारियों को बास्केटबाल स्टेडियम में एक लावारिस बैग मिला और अधिकारियों को सुरक्षित तरीके से बैग में रखे बम में विस्फोट करना पड़ा।
इससे पहले मंगलवार को बास्केटबाल मैच देख कर लौट रहे पत्रकारों से भरी बस पर भी हमला किया गया। खेलों की शुरुआत से एक दिन बाद ही छह अगस्त को साइकिल रेस के दौरान रेस मार्ग में ही एक छोटे से बम विस्फोट ने पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था को चौकन्ना कर दिया।
हालांकि ब्राजीलियाई सुरक्षा अधिकारी चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के सामने इन्हें मामूली चुनौती की तरह देख रहे हैं। हालांकि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। 207 देशों से आए 10,000 से ज्यादा खिलाड़ियों के लिए 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराई गई है और हमेशा इस पर ध्यान दिया जा रहा है।
भारतीय खिलाड़ियों की सुरक्षा में लगे सुरक्षा अधिकारी गोपाल होसुर ने बताया, “एक जगह हल्के बम विस्फोट और एक अन्य सुरक्षित तरीके से किए गए विस्फोट की पुष्टि हुई है, लेकिन मीडिया की बस पर हुए हमले की पुष्टि अभी यहां के सुरक्षा अधिकारियों ने नहीं की है।”
गौरतलब है कि रियो के अधिकारी किसी भी घटना के बारे में तुरंत आयोजक समिति के सुरक्षा अधिकारियों को सूचित करते रहते हैं।
कर्नाटक के सेवानिवृत आईपीएस होसुर ने आईएएनएस को बताया, “वह अभी भी बस पर हुए हमले की जांच कर रहे हैं लेकिन उन्हें अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि बस पर गोलीबारी की गई थी या पथराव किया गया था।”
पूर्व पुलिस महानिरीक्षक होसुर ने कहा कि वह भारतीय दल के अध्यक्ष राकेश गुप्ता को रोज हर छोटी घटना से सूचित करते रहते हैं और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह देते रहते हैं। वह रियो में भारतीय दूतावास से निरंतर संपर्क में हैं।
शहर में कई खिलाड़ियों के साथ हुई लूटपाट की घटनाओं के मद्देनजर होसुर ने कहा कि उन्होंने और गुप्ता ने भारतीय खिलाड़ियों को इस बारे में जानकारी दी है कि वे बाहर जाते समय किस तरह से सावधानी बरत सकते हैं। गुप्ता ने बताया कि हमने खिलाड़ियों को रात में बाहर न जाने और कीमती सामान अपने साथ न ले जाने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा, “अगर कोई बड़ी घटना होती है तो हमें रियो में स्थापित किए गए अंतर्राष्ट्रीय पुलिस समन्वय केंद्र पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।”
उन्होंने कहा कि ब्राजील पर किसी तरह से आतंकवाद का खतरा नहीं है क्योंकि उन्हें अपने आसपास के देशों से कोई खतरा नहीं है।
गुप्ता ने कहा, “अभी तक हमने छुटपुट घटनाएं ही देखी हैं। रियो के सुरक्षा अधिकारी हमें लगातार सूचना देते रहते हैं।”
भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नारायण रामचंद्रन ने आईएएनएस को बताया, “हम रियो में सुरक्षा व्यवस्था से काफी खुश हैं। उन्होंने खिलाड़ियों और आयोजन स्थलों के आसपास कई स्तर की सुरक्षा प्रदान की है जो काफी सफल भी रहा है।”
ब्राजील ने एक आतंकवाद-रोधी केंद्र का गठन किया है जिसमें पुलिस बल, विशेष सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां शामिल हैं।
इससे पहले ब्राजील के न्याय मंत्रालय के सुरक्षा सचिव आंद्रेई रोड्रिग्वेज ने मीडिया को बताया था कि, “कई देशों की पुलिस हमारे साथ काम कर रही है.”
2015 में ब्राजील ने 100 पुलिस अधिकारियों को दूसरे देशों में अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं के दौरान सुरक्षा को संभालने का प्रशिक्षण लेने भेजा था।
ओलम्पिक की सुरक्षा व्यवस्था में मंत्रालय ने कुल 47,000 सुरक्षा बल तैनात किए हैं, जिसमें 10,000 राष्ट्रीय बल के सुरक्षाकर्मी और राज्य सुरक्षा बल के 5,000 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
कई देशों ने अपने खिलाड़ियों के साथ अपना सुरक्षा बल भेजा है। अमेरिका ने रियो में अपने 1,000 सुरक्षा अधिकारियों को भेजा है।
dharmpath.com dharmpath