लुसाने (स्विट्जरलैंड), 17 मई (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) ने मंगलवार को बताया कि 2008 में बीजिंग ओलम्पिक में शामिल हुए खिलड़ियों के नमूनों की दोबारा जांच कराने पर छह खेलों के 31 खिलाड़ी डोपिंग के दोषी पाए गए हैं।
आईओसी ने कहा है कि इन खिलाड़ियों पर रियो में होने वाले ओलम्पिक में हिस्सा लेने पर प्रतिबंध लग सकता है।
आईओसी ने बीजिंग ओलम्पिक में शामिल खिलाड़ियों के 454 नमूनों की दोबारा जांच कराई थी। यह जांच विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) और अंतर्राष्ट्रीय महासंघ के कहने के बाद की गई।
आईओसी की कार्यकारी समिति ने तत्काल प्रभाव से इस काम की शुरुआत की। जो भी खिलाड़ी डोपिंग नियमों के उल्लंघन के दोषी पाए जाएंगे, उन्हें 2016 रियो ओलम्पिक से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
आईओसी 2012 लंदन ओलम्पिक के 250 नमूनों की भी दोबारा जांच करेगी ताकि आने वाले रियो ओलम्पिक में डोपिंग के दोषी पहुंच न सकें।
आईओसी बड़े स्तर पर बीजिंग और लंदन ओलम्पिक में पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों की दोबारा जांच के लिए कार्यक्रम चलाएगी। दूसरे खिलाड़ियों के अयोग्य घोषित हो जाने के कारण जिन खिलाड़ियों को पदक दिए गए थे, उनके भी नमूनों की भी जांच की जाएगी।
आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक ने एक बयान में कहा, “यह सभी कदम धोखेबाज खिलाड़ियों के लिए है जिन्हें हम जीतने देना नहीं चाहते हैं। इन्होंने एक बार फिर बताया है कि डोपिंग करने वाले खिलाड़ियों के छिपने के लिए कोई स्थान नहीं है।”
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