रियो डी जनेरियो, 11 अगस्त (आईएएनएस)। ब्राजील की मेजबानी में चल रहे ओलम्पिक खेलों का पांचवां दिन भारत के लिए मिली-जुली सफलता वाला रहा। दीपिका कुमारी और लैशराम बोम्बेला देवी ने जहां तीरंदाजी की व्यक्तिगत स्पर्धा के प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, वहीं मुक्केबाज मनोज कुमार ने भी पहली बाधा पार कर ली।
वहीं निशानेबाजी से जहां भारतीय खेल प्रेमियों को पदक की सर्वाधिक उम्मीद थी, उसके उलट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले जीतू राय और प्रकाश नानजप्पा पुरुषों की 50 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में भी प्रवेश नहीं कर सके।
जूडो में एकमात्र भारतीय दावेदार अवतार सिंह और भारोत्तोलन में सतीश कुमार शिवलिंगम ने भी निराश किया और पहले दौर से ही बाहर हो गए। भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए भी दिन बेहद खराब रहा और आस्ट्रेलिया जैसी धुरंधर टीम ने उन्हें 6-1 से धो कर रख दिया।
दिन की पहली उम्मीद बनकर उभरीं भारतीय तीरंदाज लैशराम बाम्बेला देवी। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सैम्बोड्रोमो खेल प्रांगण में हुए 1/16 इलिमिनेशन राउंड के मुकाबले में चीनी ताइपे की चिया लिन शीह को 6-2 से हराया और दिन की लगातार दूसरी जीत हासिल कर व्यक्तिगत स्पर्धा के 1/8 इलिमिनेशन राउंड में प्रवेश कर लिया।
बोम्बेला ने लिन शीह को 27-24, 27-24, 26-27, 28-26 से हराया।
इससे पहले, बोम्बेला देवी ने बुधवार को ही हुए 1/32 इलिमिनेशन राउंड में शानदार प्रदर्शन करते हुए आस्ट्रिया की अपनी प्रतिद्वंद्वी लॉरेंस बॉल्डोफ को 6-2 से हराया था।
तीरंदाजी में पूर्व सर्वोच्च विश्व वरीय खिलाड़ी रह चुकीं दीपिका कुमारी ने भी भारत की उम्मीदें जिंदा रखीं और महिला एकल वर्ग में इटली की गुएनडालिना सार्तोरी को 1/16 एलीमिनेटर में मात देकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
दीपिका ने ओलम्पिक शूटिंग सेंटर में अपने इस सफल प्रदर्शन के कारण प्रतिद्वंद्वी तीरंदाज से 6-2 से जीत हासिल की। इसे पहले बुधवार को ही विश्व की 12वीं वरीयता प्राप्त तीरंदाज दीपिका ने 1/32 एलीमिनेटर में अपने से ऊंची वरीय जॉर्जिया की क्रीस्टीन इस्बुआ को 6-4 से हराया था।
महिला हॉकी में हालांकि भारत को लगातार दूसरी असफलता हाथ लगी और आस्ट्रेलिया ने भारतीय महिला टीम को टूर्नामेंट में पहली जीत से वंचित रखा। भारतीय महिला हॉकी टीम ने जापान के साथ 2-2 से ड्रॉ खेल ओलम्पिक अभियान की शुरुआत की थी, हालांकि उसके बाद उन्हें ब्रिटेन और आस्ट्रेलिया के हाथों लगातार दो हार झेलनी पड़ी है।
मुक्केबाजी में जरूर मनोज कुमार भारतीय उम्मीद बनकर उभरे। उन्होंने यहां जारी 31वें ओलम्पिक खेलों में 64 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। मनोज ने लाइट वेल्टरवेट वर्ग में लिथुआनिया के इवालडास पेट्राउस को हराया।
लंदन ओलम्पिक के कांस्य पदक विजेता इवालडास के खिलाफ मनोज ने तीनों राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन कर जीत हासिल की। अगले दौर में मनोज का सामना उजबेकिस्तान के फजलुद्दीन जी. से 14 अगस्त को होगा।
मनोज ने मुकाबले के बाद कहा, “मेरा विपक्षी खिलाड़ी काफी मजबूत था लेकिन मेरे मुक्कों में दम था। मैंने उसके मुक्कों के हिसाब से अपने खेल में तब्दीली की।”
निशानेबाजी में हालांकि भारत को सबसे बड़ा झटका लगा। जीतू राय और प्रकाश नानजप्पा बुधवार को रियो ओलम्पिक में पुरुषों की 50 मीटर एअर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए।
जीतू ने क्वालीफिकेशन दौर में 554 का स्कोर किया और 12वें स्थान पर रहे, जबकि नानजप्पा 547 का स्कोर हासिल कर 25वें स्थान पर रहे। स्पर्धा में कुल 41 प्रतिभागी थे।
जीतू का प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा और उन्होंने पहली सीरीज में 92, दूसरी सीरीज में 95, तीसरी सीरीज में 90, चौथी सीरीज में 94, पांचवीं सीरीज में 95 और आखिरी सीरीज में 88 अंक हासिल किए।
जीतू ने इस बीच नौ बार पूर्ण अंक हासिल किया। जीतू का प्रदर्शन पहले राउंड में खराब रहा और वह सिर्फ 92 अंक हासिल कर सके।
लेकिन दूसरे राउंड में उन्होंने अच्छी वापसी की और 95 का स्कोर करते हुए शीर्ष-10 में वापसी कर ली। हालांकि तीसरा राउंड फिर से खास नहीं रहा, जिसमें वह सिर्फ 90 अंक हासिल कर सके।
चौथे राउंड में उन्होंने फिर से वापसी की और 94 का स्कोर साधा। पांचवें राउंड तक आते-आते जीतू पांचवें पायदान पर पहुंच गए।
आखिरी सीरीज के मध्य तक जीतू के फाइनल में प्रवेश करने की उम्मीद बनी हुई थी और वह लगातार छठे स्थान पर जमे हुए थे। लेकिन अहम क्षणों में जीतू दबाव में आ गए और आखिरी सीरीज में खराब प्रदर्शन का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा।
इस बीच स्पर्धा में किस्मत आजमा रहे एक अन्य भारतीय निशानेबाज प्रकाश नानजप्पा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और आखिरी के तीन सीरीज में अच्छा प्रदर्शन (93, 95, 93) करने के बावजूद उन्हें शुरुआती गलती का उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।
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