मॉस्को, 18 जून (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स महासंघ (आईएएएफ) की ओर से शुक्रवार को रूस की ट्रैक एंड फील्ड टीम के निलंबन को बनाए रखने के फैसले से रूसी एथलीटों के आगामी रियो ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने की संभावना कम नजर आ रही हैं।
अखिल रूसी एथलेटिक महासंघ (एआरएएफ) के अध्यक्ष दिमित्री श्लयाकतिन ने बताया, “आईएएएफ की बैठक और मतदान हो गए हैं और एथलेटिक्स महासंघ के साथ हमारी सदस्यता को बहाल नहीं किया गया है।”
दिमित्री ने कहा, “साफ-सुथरे रिकॉर्ड वाले एथलीट, जिन्होंने कभी प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं किया वे अब अपने फैसले ले सकते हैं। उनके पास ओलम्पिक खेलों में जाने का अवसर है अगर वे अपने मामलों को अदालत में ले जाते हैं।”
उम्मीद जताई जा रही है कि अपने करियर में कभी भी प्रतिबंधित दवाओं का सेवन न करने वाले कई रूसी एथलीट अपने मामलों को खेल पंचाट न्यायालय (सीएएस) में ले जा सकते हैं।
दो बार की ओलम्पिक पोल-वॉल्ट विजेता येलेना इसिन्बाएवा ने इससे पहले संकेत दिया था कि अगर उन्हें रियो डी जेनेरियो में होने वाले ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने से रोका जाएगा, तो वह इसके खिलाफ कदम उठाएंगी।
डोपिंग में कभी न दोषी पाए गए रूसी एथलीटों की ओलम्पिक खेलों में हिस्सा लेने की आखिरी उम्मीद अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) से जुड़ी है, जो अगले मंगलवार को स्विट्जरलैंड के लौसाने में अन्य खेल शासी निकायों के साथ बैठक करेगी।
रूस के खेल मंत्री ने पहले ही अपने बयान में आईएएएफ के फैसले पर निराशा जता दी है।
खेल मंत्री विताली मुतको ने कहा कि इस कदम से कोई हैरानी नहीं है और देश जल्द ही इस फैसले का जवाब देगा।
आईएएएफ ने पिछले साल नवम्बर में रूस के ट्रैक और डोपिंग रोधी कार्यक्रमों में डोपिंग घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद देश की सदस्यता को निलंबित करने के अपने फैसले को कायम रखने का निर्णय लिया।
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