रियो में लंदन का कारनामा दोहराने उतरेंगे भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी

रियो डी जनेरियो, 10 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय बैडमिंटन दल ब्राजील की मेजबानी में खेले जा रहे ओलम्पिक खेलों के छठे दिन गुरुवार को अपने अभियान की शुरुआत करने उतरेगा। पूरे देश को उनसे पदक की उम्मीद है और वह भी चाहेंगे की इस बार लंदन ओलम्पिक में मिली सफलता को न सिर्फ दोहराया जाए बल्कि उसमें इजाफा भी किया जाए।

रियो सेंटर के चौथे पवेलियन में भारतीय खिलाड़ी अपनी किस्तम अजमाएंगे। इस बार भारत के सात बैडमिंटन खिलाड़ी ओलम्पिक में हिस्सा ले रहे हैं।

लंदन ओलम्पिक-2012 में कांस्य पदक जीतने वाली देश की शीर्ष महिला खिलाड़ी सायना नेहवाल और विश्व चैम्पियनशिप में दो बार कांस्य पदक अपने नाम कर चुकीं पी. वी. सिन्धु ने महिला एकल के लिए क्वालीफाई किया है।

वहीं, किदाम्बी श्रीकांत ने पुरुषों की एकल स्पर्धा में जगह बनाई है।

पुरुष युगल में मनु अत्री और बी. सुमीत रेड्डी पदक दिलाने की कोशिश करेंगे। वहीं एशियन चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा महिला युगल में भारत की तरफ से दावेदारी पेश करेंगी।

हालांकि, मिश्रित युगल में भारतीय खिलाड़ी ओलम्पिक में क्वालीफाई नहीं कर पाए हैं।

भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा पर किसी को भी शक नहीं है। हमारे खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षो में काफी सुधार किया है।

सायना इस बार अपने पदक का रंग बदलने को बेताब हैं। विश्व की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी इस समय अच्छी फॉर्म में हैं। इस साल उन्होंने एशियन चैम्पियनशिप में कांस्य पदक पर कब्जा जमाया था और आस्ट्रेलियन ओपन का खिताब अपने नाम किया था।

सायना का मुकाबला स्थानीय खिलाड़ी लोहायन्नी विसेंटे से होगा। यह दोनों खिलाड़ी महिला एकल के ग्रुप-जी में स्पर्धा करेंगी।

लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली सिंधु ने अपने हालिया खेल से भारत की उम्मीद जगाई है। वह भारतीय टीम के कोच पुलेला गोपीचंद के मार्गदर्शन में उन्होंने कड़ा अभ्यास किया है।

सिंधु अपने पहले मैच में ग्रुप-एम में हंगरी की लॉरा सारोसि से भिड़ेंगी।

भारत की शीर्ष महिला युगल जोड़ी ज्वाला और अश्विनी से भी पदक की उम्मीद है। हालांकि इन दोनों को पहला मैच कड़े प्रतिद्वंद्वी के साथ खेलना है। यह भारतीय महिला जोड़ी विश्व की सर्वोच्च वरीय जोड़ी जापान की ए. ताकाशाशी और एम. माटसुटोमो का सामना करेगी।

मनु और सुमीत भी पदक के लिए काफी पसीना बहा रहे हैं। इस साल उन दोनों ने कुछ ग्रांप्री. टूर्नामेंट भी अपने नाम किए हैं।

यह भारतीय पुरुष युगल जोड़ी इंडोनेशिया के मोहम्मद अहसान और हेन्द्र सेतीआवान के खिलाफ रियो में अपने अभियान का आगाज करेगी।

भारत को निश्चित तौर पर पुरुष एकल वर्ग में पारुपल्ली कश्यप की कमी खलेगी। राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष एकल विजेता कश्यप चोट के कारण रियो नहीं आ सके।

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