बर्लिन, 18 सितम्बर (आईएएनएस)। जर्मनी के एक डॉक्टर ने मंगलवार को मास्को में पिछले सप्ताह बीमार होने के बाद विशेष स्वास्थ्य इलाज के लिए बर्लिन गए रूसी प्रदर्शनकारी संगठन ‘पुस्सी राइट’ के एक सदस्य को जहर दिए जाने की प्रबल संभावना जताई है।
बताया गया है कि फीफा विश्वकप फाइनल में मैदान पर दौड़ने वाले प्योत्र वर्जिलोव मास्को में एक अदालत में 11 सितम्बर को सुनवाई के दौरान बीमार हो गए थे जिन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, बर्लिन चैरिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर काई-उवे एकार्ट ने संवाददाताओं से कहा कि प्रतीत होता है कि किसी बाहरी तत्व ने वर्जिलोव के तंत्रिका तंत्र पर हमला किया है और डॉक्टर उसका स्रोत बताने में असमर्थ रहे हैं।
एकार्ट ने कहा कि कार्यकर्ता सघन निगरानी कक्ष में है लेकिन उसकी हालत में सुधार हो रहा है।
‘पुस्सी राइट’ की वकालत कर चुके और उड़ान की व्यवस्था करने वाले जर्मनी के एक गैर लाभकारी मानवतावादी संगठन ‘सिनेमा फॉर पीस फाउंडेशन’ के अनुसार वर्जिलोव शनिवार को बर्लिन लाए गए।
रंगीन मुखौटों से चेहरा छिपाने के लिए प्रसिद्ध संगठन ‘द रसियन पंक बैंड’ रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन का मुखर विरोधी है।
वर्जिलोव 15 जुलाई को फीफा विश्व कप के फ्रांस और क्रोशिया के बीच हुए फाइनल में पुलिस अधिकारियों की वर्दी पहनकर मैदान में घुसने वाले संगठन के चार सदस्यों में शामिल थे।
देश भर की जेलों और पुलिस पूछताछ में कथित रूप से लगातार उत्पीड़न की खबरें आने के बाद संगठन ने स्टेडियम में घुसकर रूसी पुसिस की कथित बर्बरता का विरोध किया था।
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