संघ के एक अधिकारी ने अपने बयान में कहा, “रूस का फुटबाल संघ रूसी फुटबाल प्रशंसकों की हरकतों और हिंसक भिड़ंत में उनकी भागीदारी तथा शनिवार को शहर में मैच के मौके पर उनकी अवैध गतिविधियों की निंदा करता है।”
इस हिंसक भिड़ंत में 35 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
संघ के बयान में कहा गया, “हम रूसी प्रशंसकों से प्रतिद्वंद्वी टीम और उसके प्रशंसकों को सम्मान देने का आग्रह करते हैं।”
बयान में कहा गया कि फ्रांस में आचरण और सार्वजनिक व्यवस्था के नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए ।
यूरो 2016 के मुकाबलों पर अंतर्राष्ट्रीय फुटबाल अनुशासनात्मक निकायों द्वारा निगरानी रखी जा रही है और रूसी संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार से रूसी फुटबाल संघ के खिलाफ प्रतिबंध की स्थिति पैदा हो सकती है।
यूईएफए ने रूस के प्रशंसकों को इंग्लैंड के प्रशंसकों पर पटाखे और अन्य चीजें फेंकने तथा विवाद खड़ा करने का दोषी ठहराया था।
यूईएफए की कार्यकारी समिति ने रविवार को दोनों टीमों के फुटबाल संघों को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर इस प्रकार की स्थिति उनके आगामी मुकाबलों में फिर से उत्पन्न होती है, तो वह रूस और इंग्लैंड पर प्रतिबंध लगाने में संकोच नहीं करेगी।
dharmpath.com dharmpath